कथा

पत्नी (जैनेन्द्र कुमार )

पेंटिग : अमृता शेरगिल‘कालजयी’ स्तम्भ में आप प्रेमचंद की कहानी, ‘कफन’ पर रोहिणी अग्रवाल का आलेख पढ़ चुके हैं, इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए आज जैनेन्द्र कुमार की कहानी...

अगली तारीख : राकेश बिहारी

न्याय पवित्र शब्द है, उससे भी मानवीय है न्याय पाने की इच्छा. न्याय पाने की प्रक्रिया से ही कहते हैं ‘राजतन्त्र’ और फिर ‘धर्मतंत्र’ का विकास हुआ. यह भी एक...

भूमंडलोत्तर कहानी (९) : दादी, मुल्तान और टच एंड गो (तरुण भटनागर) : राकेश बिहारी

भूमंडलोत्तर कहानी विमर्श के अंतर्गत प्रस्तुत है तरुण भटनागर की कहानी – ‘दादी, मुल्तान और टच एंड गो’ पर आलोचक राकेश बिहारी का आलेख – ‘आरोपित विस्मरण के विरुद्ध स्मृतियों का जीवनराग’.  भारत-विभाजन भारतीय महाद्वीप का...

प्रभात रंजन: देश की बात देस का किस्सा        

प्रभात रंजन: देश की बात देस का किस्सा        

कथाकार, अनुवादक, संपादक प्रभात रंजन इधर अपनी कृति, ‘कोठागोई’ के लिए चर्चा में हैं. किस्सों की श्रृंखला ‘देश की बात देस का किस्सा’ का एक किस्सा आपके लिए. इस श्रृंखला...

कथा – गाथा : राकेश बिहारी

कला कृति Abdullah M. I. Syedराकेश बिहारी कथा–आलोचना में सक्रिय हैं. वह खुद कथाकार भी हैं. उनका कहानी संग्रह ‘वह सपने बेचता था’ प्रकाशित है. प्रतीक्षा कहानी फाइनान्स में कार्यरत एक...

भूमंडलोत्तर कहानी (४) : अंगुरी में डँसले बिया नगिनिया (अनुज) : राकेश बिहारी

कथादेश के नवम्बर २०१२ में युवा कथाकार अनुज की  कहानी \'अंगुरी में डँसले बिया नगिनिया\' प्रकाशित हुई और परिकथा के मई–जून २०१३ से लेकर जुलाई–अगस्त २०१४ तक  इस पर लम्बी...

नाकोहस : पुरुषोत्तम अग्रवाल

Barbaros Cangürgelपुरुषोत्तम अग्रवाल की नाकोहस कहानी दूसरी बार पढ़ करः \"नाकोहस जिस परिदृश्य का दिल दहलाने वाला रूप प्रस्तुत करती है, वह अब मात्र भयावह सम्भावना या भावी आतंक नहीं रहा....

प्रभात रंजन : पत्र लेखक, साहित्य और खिड़की          

प्रभात रंजन : पत्र लेखक, साहित्य और खिड़की          

युवा चर्चित कहानीकार प्रभात रंजन की नई कहानी ‘पत्र लेखक, साहित्य और खिड़की’. इस कहानी को पढ़ते हुए आप अपने  युवावस्था की बिसरी स्मृतियों में चले जाएँ तो कुछ आश्चर्य...

दादी, मुल्तान और टच एण्ड गो: तरुण भटनागर

दादी, मुल्तान और टच एण्ड गो: तरुण भटनागर

हिंदी कथा जगत में भारत और पाकिस्तान के बटवारे को केंद्र में रखकर बमुश्किल कुछ कहानियाँ हैं. बड़ी मानवीय त्रासदियाँ साहित्य में देर से आती हैं. तरुण भटनागर युवा कथाकार...

कथा – गाथा : अपर्णा मनोज

पेटिंग : Saqiba Haq                       परम्पराएँ जब धर्म का आवरण ओढ़ लेती हैं तब उनका शिकंजा और सख्त हो जाता है. अगर...

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