कथा

प्रथम पुरुष : तरुण भटनागर

कृति : Ladoo Bai कलाओं का विकास मनुष्य की स्वाधीनता के चेतना से जुड़ा हुआ है, बाद में सत्ताओं के सेंसरशिप के बावजूद कला अपनी यह ज़िम्मेदारी उठाती रही है. आप कल्पना कीजिये...

मोहे रंग दो लाल… (जयश्री रॉय)

भोपाल की स्‍पंदन संस्‍था की संयोजक उर्मिला शिरीष ने 2015  के स्‍पंदन कृति सम्‍मान से कथाकार मनोज पाण्डेय, और स्पंदन आलोचना सम्मान से राकेश बिहारी के सम्मानित होने की घोषणा...

चौपड़े की चुड़ैलें : पंकज सुबीर

Photo : Clare Park, Self portrait, Holding my Past हिंदी की प्रतिष्ठा प्राप्त कथा-पत्रिका हंस के अप्रैल २०१६ में प्रकाशित पंकज सुबीर की  कहानी \"चौपड़े की चुड़ैलें\" को २०१६ का \"राजेंद्र यादव हंस कथा...

आकाशदीप: जयशंकर प्रसाद

जयशंकर प्रसाद  :(३० जनवरी१८९० – १४ जनवरी १९३७)बीसवीं शताब्दी के महानतम साहित्यकार जयशंकर प्रसाद जितने बड़े कवि हैं उतने ही बड़े नाटककार और कथाकार भी. अभी इतिहास की उनकी समझ...

पत्नी (जैनेन्द्र कुमार )

पेंटिग : अमृता शेरगिल‘कालजयी’ स्तम्भ में आप प्रेमचंद की कहानी, ‘कफन’ पर रोहिणी अग्रवाल का आलेख पढ़ चुके हैं, इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए आज जैनेन्द्र कुमार की कहानी...

अगली तारीख : राकेश बिहारी

न्याय पवित्र शब्द है, उससे भी मानवीय है न्याय पाने की इच्छा. न्याय पाने की प्रक्रिया से ही कहते हैं ‘राजतन्त्र’ और फिर ‘धर्मतंत्र’ का विकास हुआ. यह भी एक...

भूमंडलोत्तर कहानी (९) : दादी, मुल्तान और टच एंड गो (तरुण भटनागर) : राकेश बिहारी

भूमंडलोत्तर कहानी विमर्श के अंतर्गत प्रस्तुत है तरुण भटनागर की कहानी – ‘दादी, मुल्तान और टच एंड गो’ पर आलोचक राकेश बिहारी का आलेख – ‘आरोपित विस्मरण के विरुद्ध स्मृतियों का जीवनराग’.  भारत-विभाजन भारतीय महाद्वीप का...

प्रभात रंजन: देश की बात देस का किस्सा        

प्रभात रंजन: देश की बात देस का किस्सा        

कथाकार, अनुवादक, संपादक प्रभात रंजन इधर अपनी कृति, ‘कोठागोई’ के लिए चर्चा में हैं. किस्सों की श्रृंखला ‘देश की बात देस का किस्सा’ का एक किस्सा आपके लिए. इस श्रृंखला...

चंदन पाण्डेय: दूब की वर्णमाला

चंदन पाण्डेय: दूब की वर्णमाला

चन्दन पाण्डेय अपनी पीढ़ी के प्रतिनिधि कथाकार हैं. उनके तीन कहानी संग्रह ‘भूलना’, ‘इश्कफरेब’ और ‘जंक्शन’ प्रकाशित हैं. ज्ञानपीठ नवलेखन पुरस्कार, कृष्ण बलदेव वैद फेलोशिप, और शैलेश मटियानी कथा पुरस्कार...

कथा – गाथा : राकेश बिहारी

कला कृति Abdullah M. I. Syedराकेश बिहारी कथा–आलोचना में सक्रिय हैं. वह खुद कथाकार भी हैं. उनका कहानी संग्रह ‘वह सपने बेचता था’ प्रकाशित है. प्रतीक्षा कहानी फाइनान्स में कार्यरत एक...

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