साहित्य और एआई: कॉपीराइट का संकट: सारंग उपाध्याय
समालोचन में एआई पर निरंतर सामग्री प्रकाशित हो रही है. युवाल नोआ हरारी और गिरीश कुबेर के बीच हुई बातचीत ...
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समालोचन में एआई पर निरंतर सामग्री प्रकाशित हो रही है. युवाल नोआ हरारी और गिरीश कुबेर के बीच हुई बातचीत ...
राजीव वोरा की पुस्तक ‘भारतीयता का प्रश्न और व्याख्या: कौन है भारतीय?' पर अपने व्याख्यान में प्रख्यात लेखिका गगन गिल ...
अपने यथार्थवादी कथानक के कारण मृच्छकटिकम् संस्कृत नाट्यपरंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण नाटक है, जिसे प्रायः ईसा की प्रारंभिक शताब्दियों ...
विचारों का विकास एक सतत प्रक्रिया है पर उसका प्रदूषण तात्कालिक राजनीति. कई बार किसी विचारधारा को उससे मिलते जुलते ...
आशा भोसले की अनुपस्थिति इस उपमहाद्वीप का सामूहिक शोक है. एक ऐसी आवाज़ और एकमात्र आवाज़, जो खुद को तोड़ती ...
ए.आई. ने मनुष्य और मशीन के बीच के अंतर को काफी हद तक कम कर दिया है. खासकर सोचने, समझने, ...
कविता युद्ध के औचित्य और न्याय का प्रतिप्रश्न है. वह पीड़ित और पराजित की आवाज़ है. करुणा का आश्रय है. ...
भोजपुरी क्षेत्र की मौखिक परम्परा की प्रसिद्ध लोकगाथा ‘लोरिकायन’ के लोरिक–चंदा प्रेम-प्रसंग की पुनर्रचना चौदहवीं सदी में मुल्ला दाउद ने ...
यह नामवर सिंह (28 जुलाई, 1926-19 फ़रवरी, 2019)का जन्मशताब्दी वर्ष है और आज उनकी पुण्यतिथि भी है. वरिष्ठ आलोचक रविभूषण ...
विद्वानों की संगत अपने आप में एक सांस्कृतिक उपलब्धि है. और जब यह संगत अरुण खोपकर जैसे लेखक-निर्देशक और चन्द्रकान्त ...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
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