बौद्ध कालीन दस थेरियाँ : पवन करण
‘स्त्रीबुद्ध’ श्रृंखला की ये कविताएँ थेरियों के जीवन और दर्शन के साथ लगभग ढाई हजार साल पहले के समय की ...
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‘स्त्रीबुद्ध’ श्रृंखला की ये कविताएँ थेरियों के जीवन और दर्शन के साथ लगभग ढाई हजार साल पहले के समय की ...
अदनान कफ़ील दरवेश को बारिश प्रिय है. कौन कवि होगा जिसे बारिश लुभाती न होगी. उनके ‘ठिठुरते लैम्प पोस्ट’ (2022) ...
जिसका भविष्य है, उसी का कल है. सत्ताएँ गिर गईं, संरचनाएँ बदल गईं. धर्मों से नए धर्म निकल आए. कब ...
जेन ज़ी की भाषा को समझने में पुरानी पीढ़ियों को भले कठिनाई हो, उनकी संवेदनाओं, बेचैनियों और संघर्षों को समझने ...
कवि-कर्म की जटिलता समय-सापेक्ष तो है ही. उसकी एक बड़ी दिक्कत भाषा भी है, जो बरतते-बरतते पारदर्शी हो जाती है. ...
गार्गी मिश्र की इन कविताओं में बिखरते, टूटते और ठूँठ होते समय की विविध संवेदनाएँ हैं. इनमें एक ऐसी निर्लिप्तता ...
कविता यदि आपके भीतर सोई पड़ी है, तो वह एक दिन उठ बैठेगी. वह भीतर-ही-भीतर आपका पीछा करती रहती है ...
रेने मार्ग्रित ने ‘The Lovers’ शीर्षक से कुल चार पेंटिंग बनाई थीं. ये सभी 1928 में निर्मित हुईं और एक ...
निराशा, आत्मलोचन और नैतिक व्यथा के बीच वरिष्ठ कवि अशोक वाजपेयी की ये कविताएँ अपने समय को दर्ज करने के ...
इस वर्ष सपना भट्ट को उनके दूसरे कविता-संग्रह 'भाषा में नहीं' के लिए 'शीला सिद्धांतकर स्मृति पुरस्कार' से सम्मानित किया ...
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