बस एक सीट के लिए : मनोज कुमार पांडेय
हिंदी कहानी ही नहीं, किसी भी भाषा की कहानी के सामने दृश्य माध्यमों ने बड़ी चुनौती उपस्थित कर दी है. ...
Home » 2026 कहानी
हिंदी कहानी ही नहीं, किसी भी भाषा की कहानी के सामने दृश्य माध्यमों ने बड़ी चुनौती उपस्थित कर दी है. ...
साहित्य के भीतरी दाँव-पेंच पर संजय कुंदन की यह नई कहानी रोचक और पठनीय है. ऐसे ‘कविराज’ साहित्य के केन्द्रों ...
सम्पूर्ण संस्कृति ही मनुष्य-रचित एक विराट कथा है. इसी में हम जीते-मरते हैं. यह हमारा ही कल्पित संसार है. इस ...
उर्दू में क्या शानदार कहानियाँ लिखी जा रही हैं. ‘बेधक’ और ‘मार्मिक’ जैसे शब्दों के अर्थ अशअर नज्मी की कहानी ...
उर्दू अफ़सानों की दुनिया में नय्यर मसूद (16 नवम्बर, 1936 - 24 जुलाई, 2017) का ख़ास और ऊँचा मक़ाम है. ...
प्रमाण दिखाने और ख़ुद को साबित करने की इस महामारी में न जाने कितने लोग पिस रहे हैं. आधार कार्ड, ...
इस समय का एक यथार्थ यह भी है कि हम स्वयं को सतत निगरानी में पाते हैं. हमारी लगभग सभी ...
वसीम अहमद अलीमी की प्रस्तुत कहानी ‘सज्दा और समाधि’ सत्रहवीं सदी के बनारस में रहने वाले साधु और एक सूफ़ी ...
डिस्टोपियन कथा-साहित्य का समृद्ध इतिहास है और उसकी शिखर कृतियों में जॉर्ज ऑरवेल का ‘1984’ अग्रणी स्थान रखता है. यह ...
समाज-विज्ञानी, कथाकार और अनुवादक नरेश गोस्वामी इन दिनों अपनी दो अलग-अलग पुस्तकों के कारण चर्चा में हैं. जहाँ उनकी कृति ...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
सर्वाधिकार सुरक्षित © 2010-2026 समालोचन | powered by zwantum