कला में निष्ठा और स्वतंत्रता : कुमार अम्बुज
जहाँ अमूर्तन है, वहाँ यह आवश्यक नहीं कि वह मूर्त समाज से पलायन का कोई गुप्त रास्ता ही हो. संभव ...
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जहाँ अमूर्तन है, वहाँ यह आवश्यक नहीं कि वह मूर्त समाज से पलायन का कोई गुप्त रास्ता ही हो. संभव ...
मक़बूल फ़िदा हुसेन पर रामकुमार का यह आलेख जब प्रकाशित हुआ, उस समय हुसेन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आधुनिक भारतीय चित्रकार ...
विश्वप्रसिद्ध चित्रकार सैयद हैदर रज़ा को स्मरण करते हुए उन पर दो दुर्लभ सामग्री प्रस्तुत की जा रही हैं. रज़ा ...
जॉन बर्जर की 1972 में प्रकाशित पुस्तक ‘देखने के तरीक़े’ (Ways of Seeing) यह रेखांकित करती है कि छवियों को ...
महान कलाओं का स्थायी आकर्षण उनकी बहुस्तरीय संरचना में निहित होता है. वे न तो किसी एक क्षण में पूरी ...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
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