प्रफुल्ल कोलख्यान से महेश मिश्र की बातचीत
साहित्य, संस्कृति और सामाजिक-राजनीतिक विश्लेषण-विमर्श के क्षेत्र में प्रफुल्ल कोलख्यान का नाम सुपरिचित है. विभिन्न विषयों पर उनसे महेश मिश्र ...
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साहित्य, संस्कृति और सामाजिक-राजनीतिक विश्लेषण-विमर्श के क्षेत्र में प्रफुल्ल कोलख्यान का नाम सुपरिचित है. विभिन्न विषयों पर उनसे महेश मिश्र ...
बिना विश्वदृष्टि के कोई लेखक सचमुच बड़ा नहीं हो सकता. उससे सहमत-असहमत हुआ जा सकता है. इसमें कोई संदेह नहीं ...
जैसा समय चल रहा है, उसमें गंभीर, प्रमाणिक और आलोचनात्मक लेखन की जगह न केवल सिकुड़ती जा रही है, बल्कि ...
मार्जान सत्रापी की चर्चित कृति पर्सेपोलिस का हिंदी अनुवाद उपलब्ध है. इसी आत्मकथात्मक ग्राफिक उपन्यास ने उन्हें विश्वभर में प्रतिष्ठा ...
बशीर बद्र छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर आयोजित एक मुशायरे के सिलसिले में दुर्ग आए थे. उस अवसर पर शरद ...
भारत की आज़ादी के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 1997 में निर्मल वर्मा से यह बातचीत श्रीवत्स ने ...
महादेवी वर्मा को 28 नवंबर 1983 को ब्रिटेन की तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती मार्गरेट थैचर के हाथों दिल्ली में ज्ञानपीठ पुरस्कार ...
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