लेडीज़ कूपे : पवन करण
अनीता नायर की लेडीज़ कूपे, एक ऐसी स्त्री की यात्रा-कथा है जो ख़ुद की तलाश में निकली है और ट्रेन ...
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अनीता नायर की लेडीज़ कूपे, एक ऐसी स्त्री की यात्रा-कथा है जो ख़ुद की तलाश में निकली है और ट्रेन ...
सत्यदेव त्रिपाठी की संस्मरणात्मक पुस्तक 'रंग यात्रियों के राहे गुज़र' में डॉ. श्रीराम लागू, ए. के. हंगल, हबीब तनवीर, सत्यदेव ...
हिंदी में मौलिक सामाजिक‑राजनीतिक विषयों पर स्तरीय पुस्तकें लगातार प्रकाशित हो रही हैं. साथ ही महत्वपूर्ण अनूदित कृतियाँ भी सामने ...
कवि-संपादक अविनाश मिश्र के उपन्यास ‘नये शेखर की जीवनी’ का पहला हिस्सा 2018 में प्रकाशित हुआ था और इसने अपने ...
फ़ैसल अलक़ाज़ी की पुस्तक ‘अलक़ाज़ी-पद्मसी परिवार की यादें’ का हिंदी अनुवाद राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित हुआ है. अमितेश कुमार द्वारा ...
‘एक ख़ुशबू वहाँ फैली थी’ 71 वर्षीय रुस्तम का नवीनतम कविता-संग्रह है, जो प्रेम पर केन्द्रित है. मिनिमलिस्ट शैली के ...
‘काग़ज़ के प्रदेश में’, ‘चुप्पी का शोर’, ‘योजनाओं का शहर’ और ‘तनी हुई रस्सी पर’ के बाद ‘घेराबंदी और अन्य ...
अंतिका प्रकाशन से प्रकाशित कथाकार उर्मिला शिरीष की पुस्तक ‘पच्चीस कहानियाँ’ की चर्चा कर रहे हैं वरिष्ठ लेखक प्रकाश कान्त.
केतन यादव के पहले कविता-संग्रह, ‘एक चरवाहे का गीत’ की चर्चा कर रहे हैं महेश कुमार. इसे राधाकृष्ण प्रकाशन ने ...
पिछले दिनों ‘द हिंदू’ से जुड़े पत्रकार एस आर प्रवीण की पुस्तक ‘Ticket to Kerala: The Story of Malayalam Cinema ...
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