तेग़ अली का बनारस : शुभनीत कौशिक
तेग़ अली का बनारस शुभनीत कौशिक उन्नीसवीं सदी में छापेखाने और मुद्रण की संस्कृति के प्रसार, स्कूल-कॉलेजों की स्थापना ...
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तेग़ अली का बनारस शुभनीत कौशिक उन्नीसवीं सदी में छापेखाने और मुद्रण की संस्कृति के प्रसार, स्कूल-कॉलेजों की स्थापना ...
समालोचन पर ही आपने विनोद कुमार शुक्ल की अंतिम कविता पढ़ी, ‘कृति’ में पहली बार प्रकाशित उनकी कविताएँ भी. यह ...
लेखक जब संपादक भी हो जाता है तब संपादन की ज़िम्मेदारी उसके लेखन पर दो तरह से असर डालती है. ...
वर्तमान संकटों और चुनौतियों के बीच विचार की भूमिका केवल व्याख्याकार की नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व वहन करने वाली नैतिक चेतना ...
अंधकार, नियति, छल और परिवर्तन के एज़्टेक देवता तेज़काटलिपोका (Tezcatlipoca) का अंतिम युद्ध सृष्टि-चक्र के आखिरी टकराव का प्रतीक माना ...
एजाजुल हक की कहानी ‘बख़्शिश’ उस यथार्थ की परतें उघाड़ती है, जो हमारे सामने होते हुए भी प्रायः अदृश्य बना ...
जनवरी की पहली तारीख़ विनोद कुमार शुक्ल के जन्म की भी तिथि है। तेईस वर्ष की अवस्था में उनकी कविताएँ ...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
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