एक चरवाहे का गीत : महेश कुमार
केतन यादव के पहले कविता-संग्रह, ‘एक चरवाहे का गीत’ की चर्चा कर रहे हैं महेश कुमार. इसे राधाकृष्ण प्रकाशन ने ...
Home » 2026
केतन यादव के पहले कविता-संग्रह, ‘एक चरवाहे का गीत’ की चर्चा कर रहे हैं महेश कुमार. इसे राधाकृष्ण प्रकाशन ने ...
यूनुस एमरे (1238–1320) तुर्की और समूची सूफ़ी परंपरा के सबसे महत्वपूर्ण कवियों में गिने जाते हैं. उनकी कविताओं में प्रेम, ...
बहुत संभव है कि आप नफ़ीस आफ़रीदी से परिचित न हों. शायद उनकी कोई कहानी भी आपने न पढ़ी हो. ...
पिछले दिनों ‘द हिंदू’ से जुड़े पत्रकार एस आर प्रवीण की पुस्तक ‘Ticket to Kerala: The Story of Malayalam Cinema ...
इतिहासकार और सबाल्टर्न-अध्ययन परियोजना के संस्थापक सदस्यों में शामिल ज्ञानेंद्र पांडेय की पुस्तक ‘Men at Home’ में कुछ प्रसिद्ध भारतीय ...
समालोचन में एआई पर निरंतर सामग्री प्रकाशित हो रही है. युवाल नोआ हरारी और गिरीश कुबेर के बीच हुई बातचीत ...
वरिष्ठ कवयित्री अनामिका की कविताओं में परम्परा और लोक के तत्व मार्मिकता के उत्स रहे हैं. एक घायल पुकार जब ...
राजीव वोरा की पुस्तक ‘भारतीयता का प्रश्न और व्याख्या: कौन है भारतीय?' पर अपने व्याख्यान में प्रख्यात लेखिका गगन गिल ...
‘मौत की किताब’ और ‘नेमतख़ाना’ के बाद ‘अरसलान और बहज़ाद’ ख़ालिद जावेद का तीसरा उपन्यास है, जो उर्दू से हिंदी ...
अर्न्स्ट फिशर ने बहुत पहले रेखांकित किया था कि कला का जादू इसमें निहित है कि हम एक ऐसे अनुभव ...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
सर्वाधिकार सुरक्षित © 2010-2023 समालोचन | powered by zwantum