रवींद्रनाथ की मृत्यु चेतना : कल्लोल चक्रवर्ती
7 अगस्त महाकवि रवींद्रनाथ ठाकुर की पुण्यतिथि है. उनके जीवन का अत्यंत ध्यातव्य पक्ष उनका मृत्यु-बोध है. अपने जीवनकाल में ...
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7 अगस्त महाकवि रवींद्रनाथ ठाकुर की पुण्यतिथि है. उनके जीवन का अत्यंत ध्यातव्य पक्ष उनका मृत्यु-बोध है. अपने जीवनकाल में ...
भारतीय अंग्रेज़ी लेखन में रस्किन बॉन्ड सुपरिचित नाम हैं. पीढ़ियाँ उन्हें पढ़ते हुए बड़ी हुई हैं. 92 वर्षीय इस लेखक ...
जिसका भविष्य है, उसी का कल है. सत्ताएँ गिर गईं, संरचनाएँ बदल गईं. धर्मों से नए धर्म निकल आए. कब ...
प्रेमचंद के कालजयी उपन्यास 'गोदान' के पात्रों की संततियाँ आज कहाँ हैं? 1936 से 2026 तक के इन नब्बे वर्षों ...
जेन ज़ी की भाषा को समझने में पुरानी पीढ़ियों को भले कठिनाई हो, उनकी संवेदनाओं, बेचैनियों और संघर्षों को समझने ...
नामवर सिंह का होना हिंदी में विद्वता, विदग्धता और विरुद्धता का होना है. विद्वता ऐसी कि देश-विदेश की वैचारिकता से ...
भारत के युवा नागरिकों के जंतर-मंतर के आंदोलन ने न केवल भारत बल्कि पड़ोसी देशों के लोकतंत्र के मुरझाते वृक्ष ...
उर्दू अफ़सानों की दुनिया में नय्यर मसूद (16 नवम्बर, 1936 - 24 जुलाई, 2017) का ख़ास और ऊँचा मक़ाम है. ...
विश्वप्रसिद्ध चित्रकार सैयद हैदर रज़ा को स्मरण करते हुए उन पर दो दुर्लभ सामग्री प्रस्तुत की जा रही हैं. रज़ा ...
सभ्यताओं की कुंजी उनके प्राचीनतम महाकाव्यों में निहित है. विश्व के लगभग सभी महाकाव्यों में उल्लेखनीय उभयनिष्ठता दिखाई देती है. ...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
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