आदम की जात : योगिता यादव
‘राजेंद्र यादव हंस कथा सम्मान’ से सम्मानित योगिता यादव की यह नयी कहानी ‘आदम की जात’ आदम के साथ-साथ व्यवस्था ...
‘राजेंद्र यादव हंस कथा सम्मान’ से सम्मानित योगिता यादव की यह नयी कहानी ‘आदम की जात’ आदम के साथ-साथ व्यवस्था ...
(by kallchar)राकेश बिहारी ने समकालीन कथा-साहित्य पर अपने स्तंभ ‘भूमंडलोत्तर कहानी’ की शुरुआत लगभग चार वर्ष पूर्व समालोचन पर की थी. ...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
सर्वाधिकार सुरक्षित © 2010-2023 समालोचन | powered by zwantum