कथा

अन्विति: राजेन्द्र दानी

अन्विति: राजेन्द्र दानी

कथाकार राजेन्द्र दानी के दस कहानी संग्रह प्रकाशित हुए हैं, वर्षों से वह हिंदी की महत्वपूर्ण पत्रिका ‘पहल’ से जुड़े रहे. उनकी प्रस्तुत नयी कहानी ‘अन्विति’ स्मृति और अकेलेपन के...

हठात् वृष्टि: अम्बर पाण्डेय

हठात् वृष्टि: अम्बर पाण्डेय

‘हठात् वृष्टि’ समालोचन पर अम्बर पाण्डेय की दसवीं कहानी है, केवल इन्हीं कहानियों के संकलन से उनका पहला कहानी-संग्रह तैयार हो सकता है. अम्बर पाण्डेय ने जहाँ हिंदी कहानी को...

मेरा नाम सत्येंद्र है:  अमन सोनी

मेरा नाम सत्येंद्र है: अमन सोनी

बाल-अपराध बच्चों पर समाज की निष्ठुर हिंसा की बेबस प्रतिक्रिया है. ऐसा संवेदनशील समाज बनाने में हम असमर्थ रहें हैं जहाँ स्वस्थ ढंग से उनका विकास हो सके. युवा अमन...

मनोचिकित्सक: वैभव सिंह

मनोचिकित्सक: वैभव सिंह

अक्सर अकादमिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर हिंदी कथा साहित्य के मनोविश्लेषण की कोशिशें होती रहती हैं, ये कोशिशें भी मनोवैज्ञानिकों द्वारा नहीं हुईं हैं. किसी मनोविश्लेषक को यह काम...

एक्स वाई का जेड: प्रभात रंजन

एक्स वाई का जेड: प्रभात रंजन

प्रभात रंजन मूलतः कथाकार हैं. उनकी पहचान उनकी कहानियों से बनी फिर वह अनुवाद और संपादन की ओर मुड़ गये. उनके अंदर का कथाकार जब-तब जगता है वह कहानी लिखते...

रसपिरिया पर बज्जर गिरे: पंकज मित्र

रसपिरिया पर बज्जर गिरे: पंकज मित्र

पिछले साल फणीश्वरनाथ रेणु (4 मार्च 1921- 11 अप्रैल 1977) के जन्म शताब्दी समारोह में उनपर कई पत्रिकाओं ने अपने विशेष-अंक निकाले. कथाकार और आलोचक राकेश बिहारी ने एक अनूठा...

अबला नहीं सबला: फ़रीद ख़ाँ

अबला नहीं सबला: फ़रीद ख़ाँ

फ़रीद ख़ाँ को हिंदी कवि के रूप में हम सब जानते ही हैं, कथाकार फ़रीद ख़ाँ इस कहानी से अब सामने आ रहें हैं. फ़रीद टीवी और फ़िल्मों से जुड़े...

नरक: ज्ञान चन्द बागड़ी

नरक: ज्ञान चन्द बागड़ी

ज्ञान चंद बागड़ी के उपन्यास ‘आख़िरी गाँव’ ने ध्यान खींचा है, इधर उनकी कहानियां भी सामने आ रहीं हैं जो देशज कथाभूमि से उठती हैं और हाशिये पर गुजर बसर...

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