80वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई. स्वाधीनता के मूल्य बचे रहें. ‘चित्त भय से शून्य हो’, ‘गर्व से माथा ऊँचा हो’,...
मृत्यु और अस्तित्व के इर्दगिर्द घूमते ख़ालिद जावेद के उपन्यास ‘इक्कीस एक सौ बाईस’ का प्रकाशन रेख़्ता ने किया है....
साहित्य और भाषा में अश्लीलता का प्रश्न कोई नया नहीं है. अलंकारशास्त्र में इसे ऐसा दोष माना गया है, जो...
अदनान कफ़ील दरवेश को बारिश प्रिय है. कौन कवि होगा जिसे बारिश लुभाती न होगी. उनके ‘ठिठुरते लैम्प पोस्ट’ (2022)...
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