‘शिया बटर’, ‘कैफ़े कॉफ़ी डे’, ‘बंकर’ जैसी कहानियों के लेखक कैफ़ी हाशमी का कहानी संग्रह, ‘शिया बटर’ इसी वर्ष लोकभारती...
विनोद कुमार शुक्ल के सहज, लगभग निर्विकार जीवन को वरिष्ठ पत्रकार और लेखक सुदीप ठाकुर ने निकट से देखा है....
आमतौर पर यह माना जाता रहा है कि भारत में बौद्ध धर्म क्रमशः अवनति की ओर बढ़ता हुआ अंततः विलुप्त...
सत्यव्रत रजक की कुछ नई कविताएँ प्रस्तुत हैं.
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
सर्वाधिकार सुरक्षित © 2010-2023 समालोचन | powered by zwantum