अनुराग अनंत के कहानी-संग्रह ‘मुहावरे की मौत’ की चर्चा कवि-लेखक पवन करण कर रहे हैं. यह संग्रह लोकभारती से प्रकाशित...
सबऑल्टर्न अध्ययन समूह के संस्थापक सदस्य, राजनीतिक सिद्धांतकार, मानवशास्त्री और इतिहासकार पार्थ चटर्जी ने अंग्रेज़ी और बांग्ला में तीस से...
‘मैं बेहोशी का एक पत्थर था’ वीरू सोनकर का दूसरा कविता-संग्रह है, जिसे ‘अनबाउंड स्क्रिप्ट’ ने प्रकाशित किया है. इसकी...
वरिष्ठ आलोचक वीरेंद्र यादव के आकस्मिक निधन ने समकालीन वैचारिक परिदृश्य में एक गहरी रिक्ति उत्पन्न कर दी है. स्वतंत्रता-संघर्ष...
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