जेन ज़ी (जनरेशन Z) उन युवाओं के समूह को कहा जाता है जिनका जन्म लगभग 1997 से 2012 के बीच...
अचल मिश्रा द्वारा 2024 में निर्देशित वृत्तचित्र ‘चार फूल हैं और दुनिया है’ विनोद कुमार शुक्ल के जीवन और लेखन...
हरि भटनागर के हालिया प्रकाशित कहानी-संग्रह की चर्चा के बहाने आलोचक रवि रंजन ने समकालीन आलोचनात्मक विमर्शों की कसौटी पर...
‘जेएनयू अनंत : जेएनयू कथा अनंता’ और ‘हाउस हसबैंड की डायरी’ जैसे चर्चित किताबों के लेखक जे. सुशील की संस्मरणात्मक...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
सर्वाधिकार सुरक्षित © 2010-2023 समालोचन | powered by zwantum