विशेष

असहमति- 2 : कविताएँ

असहमति- 2 : कविताएँ

असमति के इस दूसरे अंक में विनोद दास, लीलाधर मंडलोई, नवल शुक्ल, सविता सिंह, पवन करण, प्रभात, केशव तिवारी, प्रभात मिलिंद, निधीश त्यागी, विनय सौरभ, बाबुषा, अपर्णा मनोज, अविनाश मिश्र,...

मैं असहमत: कविताएँ

मैं असहमत: कविताएँ

समालोचन ‘असहमति की सौ कविताएँ’ के अपने विशेष अंक का यह पहला हिस्सा प्रस्तुत कर रहा है. इसमें सच, साहस और सौन्दर्य है. ये सबसे पहले कविताएँ हैं. इस अंक...

गांधीजी का पुन: पदार्पण: जयप्रकाश चौकसे

गांधीजी का पुन: पदार्पण: जयप्रकाश चौकसे

महात्मा गांधी की अनुपस्थिति उनकी स्मृतियों से भरी हुई है. यह बताता है कि वह अभी वैचारिक रूप से ज़िन्दा हैं. अगर सशरीर उपस्थित हो जाते तो क्या होता? ज़ाहिर...

गांधी और ब्रह्मचर्य: रुबल से के. मंजरी श्रीवास्तव की बातचीत

गांधी और ब्रह्मचर्य: रुबल से के. मंजरी श्रीवास्तव की बातचीत

महात्मा गांधी का ‘ब्रह्मचर्य प्रयोग’ गांधीवादियों को भी नहीं जचता था, अधिकतर संशय से देखते थे, कुछ ने बाद में अपनी असहमति भी दर्ज की. आज भी कई पराक्रमी गांधीवादी...

गांधी और स्त्रियाँ: रूबल से  के. मंजरी श्रीवास्तव की बातचीत  

गांधी और स्त्रियाँ: रूबल से  के. मंजरी श्रीवास्तव की बातचीत  

गांधी सप्ताह के इस समापन अंक में आप युवा अध्येता रूबल और लेखिका के. मंजरी श्रीवास्तव की गांधी और स्त्री-प्रश्न पर यह बातचीत पढ़ेंगे. गम्भीर है और कुछ नयी बातें...

गांधी अगर तुम औरत होते: अपर्णा मनोज

गांधी अगर तुम औरत होते: अपर्णा मनोज

भारतीय स्वाधीनता आंदोलन ने स्त्रियों को गहरे प्रभावित किया, जिस समाज में उनकी सार्वजनिक उपस्थिति लगभग नगण्य थी गांधी के आगमन के बाद वे दिखने लगीं. महात्मा गांधी एकमात्र ऐसे...

सदानंद शाही की कविताएँ

सदानंद शाही की कविताएँ

गांधी जी का हिंदी और साहित्य से गहरा रिश्ता रहा है, उनपर बड़े कवियों ने कविताएँ लिखीं हैं. अभी भी उनपर कविताएँ लिखी जा रहीं हैं. ‘गांधी सप्ताह’ के इस...

सेवाग्राम में क्रिस्तान: सुरेन्द्र मनन

सेवाग्राम में क्रिस्तान: सुरेन्द्र मनन

सुरेंद्र मनन लेखक के साथ-साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित फ़िल्मकार हैं. गांधी पर उनकी फ़िल्म ‘गाँधी अलाइव इन साउथ अफ्रीका’ बहुत सराही गयी है. वर्धा के सेवाग्राम में गांधीजी पर...

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