इतिहास

भारत में ‘लोलिता’: शुभनीत कौशिक

भारत में ‘लोलिता’: शुभनीत कौशिक

विश्व के श्रेष्ठ सौ उपन्यासों में व्लादिमीर नबोकोव की ‘लोलिता’ का स्थान है. जब 1955 में यह प्रकाशित हुआ उस समय भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के समक्ष इसके...

पहला मानव: प्रादुर्भाव और प्रसार: तरुण भटनागर

पहला मानव: प्रादुर्भाव और प्रसार: तरुण भटनागर

हिंदी के साहित्यकारों द्वारा साहित्य के इतर अन्य विषयों और अनुशासनों पर लिखने की परम्परा रही है. ख़ुद महावीरप्रसाद द्विवेदी ने वाणिज्य पर १९०७ में पुस्तक लिखी थी ‘सम्पत्ति-शास्त्र’ इसका...

शून्य की खोज: तरुण भटनागर

शून्य की खोज: तरुण भटनागर

गणित में शून्य के महत्व से आज हम सब भलीभांति परिचित हैं, दर्शन में भी शून्य का अपना अर्थ है. क्या शून्य की खोज भारत ने की थी? कहानी इतनी...

गुप्तकाल में केशविन्यास: तरुण भटनागर

गुप्तकाल में केशविन्यास: तरुण भटनागर

भारत में राज्यों के उत्थान-पतन के अलावा भी अन्य क्षेत्र हैं जिनमें इतिहास को जाना चाहिए, जैसे केशविन्यास, वस्त्र, भोजन, मनोरंजन आदि. केश-सज्जा में आज भी परिवर्तन हो रहें हैं....

अरिकमेडू: तरुण भटनागर

अरिकमेडू: तरुण भटनागर

कथाकार-लेखक तरुण भटनागर के ‘भारत के विस्मृत नगर’ श्रृंखला में आपने मध्य-प्रदेश के ‘ऐरिकिण’ के विषय में पढ़ा है, इस अंक में पांडिचेरी के समीप ‘अरिकमेडू’ नगर के विषय में...

ऐरण उर्फ़ ऐरिकिण : तरुण भटनागर

ऐरण उर्फ़ ऐरिकिण : तरुण भटनागर

प्राचीन भारतीय नगरों के बनने, मिटने और खोजने की गाथा ‘भारत के विस्मृत नगर’ की पहली कड़ी ऐरण अर्थात ऐरिकिण पर आधारित है. ‘ऐरण’ मध्य प्रदेश के सागर से लगभग...

स्मृति शेष : इतिहासकार हरि वासुदेवन : शुभनीत कौशिक

स्मृति शेष : इतिहासकार हरि वासुदेवन : शुभनीत कौशिक

कोरोना समय में अलग-अलग क्षेत्रों के कई महत्वपूर्ण व्यक्तित्व हमसे हमेशा के लिए जुदा हो गए, फिल्मों से अभिनेता इरफ़ान और ऋषि कपूर, इतिहासकार हरि वासुदेवन,  समाजशास्त्री योगेंद्र सिंह और...

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