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क्या आप भारतीय सिनेमा की पहली दलित अभिनेत्री पी.के. रोजी को जानते हैं, जिनका नाम उपेक्षा के हाशिये में विलुप्त...
Read moreDetailsमहान अकीरा कुरोसावा की 1952 की क्लासिक फ़िल्म इकिरू (Ikiru) मनुष्य के अस्तित्व और उसकी सार्थकता के प्रश्न को बेहद...
Read moreDetailsअंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित पाकिस्तानी फ़िल्ममेकर जवाद शरीफ़ की निर्देशित एवं निर्मित डॉक्यूमेंट्री ‘इंडस ब्लूज़’ (2018) संकटग्रस्त लोक-संगीत और विलुप्ति...
Read moreDetailsरज़ा की कलाकृतियों को देखना ही नहीं, उनके बारे में पढ़ना भी सम्मोहक अनुभव है. यशोधरा डालमिया की ‘सैयद हैदर...
Read moreDetailsऋत्विक घटक (1925–1976) की जन्मशती के अवसर पर आलोचक रविभूषण का आलेख आप यहीं पढ़ चुके हैं. निर्देशक–लेखक अरुण खोपकर...
Read moreDetailsरतन थियम का जाना रंगमंच के एक युग का अवसान है. मंचन में वे कल्पनाशीलता की पराकाष्ठा थे. सम्मोहक शब्द...
Read moreDetailsकृष्ण खन्ना के शतायु होने का अवसर उनकी कला-साधना को समझने का भी अवसर है. चित्रकार और लेखक अखिलेश ने...
Read moreDetails20वीं सदी के महान साहित्यकारों में से एक फरनांदो पेसोआ (13 जून, 1888 – 10 नवम्बर, 1935) ने अपने जीवन...
Read moreDetailsललित कला अकादमी पुरस्कार, पद्म श्री और पद्म भूषण जैसे विशिष्ट अलंकरणों से सम्मानित प्रख्यात चित्रकार कृष्ण खन्ना (जन्म: 5...
Read moreDetailsऋत्विक घटक (1925–1976) की जन्मशती के अवसर पर उनके जीवन और फिल्मों पर आधारित यह विशेष आलेख प्रस्तुत किया जा...
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समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
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