आलेख

वाल्मीकि रामायण का समानांतर पारायण (2):  चंद्रभूषण

वाल्मीकि रामायण का समानांतर पारायण (2): चंद्रभूषण

यह वाल्मीकि रामायण के समानांतर पारायण का दूसरा और अंतिम हिस्सा है. इसकी विश्लेषणपरक तार्किकता ने महाकाव्यों को वस्तुपरक ढंग से पढ़ने की आवश्यकता को फिर से रेखांकित किया है....

वाल्मीकि रामायण का समानांतर पारायण: चंद्रभूषण

वाल्मीकि रामायण का समानांतर पारायण: चंद्रभूषण

यह भारतीय साहित्य और प्रकारांतर से समाज में व्यवस्था और न्याय की तलाश है. चंद्रभूषण अध्ययन, मनन और खुली दृष्टि के ऐसे लेखक हैं जो समस्या के मूल को समझने...

लोक के जवाहर: शुभनीत कौशिक

लोक के जवाहर: शुभनीत कौशिक

लोक-गीत संवेदना, चेतना और दृष्टि के सामूहिक स्वर हैं इसलिए अक्सर इन गीतों का कोई एक गीतकार नहीं होता. आज़ादी के संघर्ष को भोजपुरी भाषा भी दर्ज कर रही थी....

अरुण कोलटकर (3): अरुण खोपकर

अरुण कोलटकर (3): अरुण खोपकर

अरुण कोलटकर जैसे कवि-कलाकार किसी भाषा में कभी-कभी ही संभव होते हैं. वह दो भाषाओं में एक साथ हुए. ऐसे कवियों को समझने वाले भावक भी दुर्लभ ही होते हैं....

अरुण कोलटकर (2) : अरुण खोपकर

अरुण कोलटकर (2) : अरुण खोपकर

अरुण बालकृष्ण कोलटकर (1 नवंबर, 1932 - 25 सितंबर 2004) मराठी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं के महत्वपूर्ण कवि हैं. उनकी कविताओं की निर्मिति को बारीकी से अरुण खोपकर ने समझा...

अरुण कोलटकर: अरुण खोपकर

अरुण कोलटकर: अरुण खोपकर

अरुण बालकृष्ण कोलटकर (1 नवंबर, 1932 - 25 सितंबर 2004) विश्व के बड़े कवियों में से एक हैं. वह कबीर के बाद एकमात्र भारतीय कवि हैं जिन्हें ‘न्यूयॉर्क रिव्यू ऑफ...

सरहपा का सौन्दर्य: निरंजन सहाय

सरहपा का सौन्दर्य: निरंजन सहाय

चौरासी सिद्धों में से कुछ ही सिद्धों के विषय में थोड़ा बहुत हम जानते हैं. सरहपा उन्हीं में से एक हैं. उनका व्यक्तित्व और लेखन दोनों क्रांतिकारी है. निश्चय ही...

लेखन और चिंतन का स्त्री-अध्याय: रविभूषण

लेखन और चिंतन का स्त्री-अध्याय: रविभूषण

वरिष्ठ आलोचक रविभूषण का यह आलेख स्त्री-चिंतन और लेखन पर निगाह डालता है. प्रारंभ, परम्परा और विकास दर्ज करता है. विश्व के स्त्री-विचारकों और लेखकों को समझते और संदर्भित करते...

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