आलेख

तरुण भटनागर: भविष्य के सपनों का कथाकार: निशांत

तरुण भटनागर: भविष्य के सपनों का कथाकार: निशांत

समकालीन प्रमुख कथाकार तरुण भटनागर के उपन्यासों- ‘लौटती नहीं जो हँसी’, ‘राजा, जंगल, और काला चाँद’ तथा ‘बेदावा’ पर आधारित सुपरिचित कवि-लेखक निशांत का यह आलेख विस्तार से इन उपन्यासों...

स्मृतियां काल के घमंड को तोड़ती हैं: अखिलेश

स्मृतियां काल के घमंड को तोड़ती हैं: अखिलेश

कथाकार और ‘तद्भव’ पत्रिका के यशस्वी संपादक अखिलेश का यह आलेख आत्म के विविध आयामों से गुजरते हुए उसकी रचनात्मक रूपांतरण की प्रविधि को समझने की कोशिश करता है. व्यक्ति...

कौन था बेचू ? यादवेन्द्र

कौन था बेचू ? यादवेन्द्र

औपनिवेशिक भारत में मजदूरों को भारत से दूर देशों में खटने के लिए ले जाया जाता था जहाँ वे अकथ शोषण और प्रताड़ना के शिकार होते थे. उन्हीं के बीच...

मंगलेश की मंगलेशियत: रविभूषण

मंगलेश की मंगलेशियत: रविभूषण

आज मंगलेश डबराल की पुण्यतिथि है, पिछले वर्ष आज ही के दिन वह हमसे हमेशा के लिए जुदा हो गये थे. आज रघुवीर सहाय का जन्म दिन भी है. ‘रघुवीर...

मेरे ज्ञानरंजन: हीरालाल नागर

मेरे ज्ञानरंजन: हीरालाल नागर

वरिष्ठ कथाकार और ‘पहल’ पत्रिका के यशस्वी संपादक ज्ञानरंजन ने आज जीवन के पचासी वर्ष पूरे कर लिए हैं, समालोचन की तरफ से जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई. इस अवसर पर...

स्मृतिशेष: मन्नू भंडारी: गरिमा श्रीवास्तव

स्मृतिशेष: मन्नू भंडारी: गरिमा श्रीवास्तव

मन्नू भंडारी (3 अप्रैल, 1931-15 नवम्बर, 2021) को देखिये तो महादेवी वर्मा की याद आती थी, वैसी ही सादगी और गरिमा. जीवन-वृत्त और सृजित साहित्य में भी समानताएं तलाशी जा...

बामियान में तालिबान: यादवेन्द्र

बामियान में तालिबान: यादवेन्द्र

“अगर तुम अतीत पर पिस्तौल से गोली चलाओगे, तो भविष्य तुम पर तोप से गोले बरसायेगा.’ (अबूतालिब,- रसूल हमज़ातोव, मेरा दाग़िस्तान). अगर कोई अतीत पर गोले बरसाये तो भविष्य क्या...

रामविलास शर्मा और ऋग्वेद:  प्रकाश मनु

रामविलास शर्मा और ऋग्वेद: प्रकाश मनु

प्रसिद्ध मार्क्सवादी आलोचक रामविलास शर्मा बाद में ऋग्वेद के अध्ययन की ओर उन्मुख हुए, इसे कई आलोचक विचलन की तरह देखते हैं, जबकि इसे मूल से भारतीय संस्कृति को समझने...

Page 1 of 19 1 2 19

फ़ेसबुक पर जुड़ें

पठनीय पुस्तक/ पत्रिका

इस सप्ताह