शोक से शब्द तक : गगन गिल
हिंदी में कुछ ही लेखक हैं जिनका गद्य भी उतना ही मोहक होता है. उनमें से अधिकतर मूलतः कवि हैं. वरिष्ठ लेखिका गगन गिल भी उन्हीं विरल रचनाकारों में हैं....
हिंदी में कुछ ही लेखक हैं जिनका गद्य भी उतना ही मोहक होता है. उनमें से अधिकतर मूलतः कवि हैं. वरिष्ठ लेखिका गगन गिल भी उन्हीं विरल रचनाकारों में हैं....
बहुत संभव है कि आप नफ़ीस आफ़रीदी से परिचित न हों. शायद उनकी कोई कहानी भी आपने न पढ़ी हो. वरिष्ठ कथाकार अशोक अग्रवाल का यह संस्मरण उस लगभग भुला...
घर, किसी पुराने घर की यादों की ईंटों से बनता है. घर भी हमारे भीतर रहते हैं. अंत से पहले हम अक्सर अपने व्यतीत घरों की ओर लौटते हैं, वहाँ...
स्टीफ़न स्वाइग के उपन्यास ‘बिवेयर ऑफ पिटी’ से आप परिचित हैं, तो उसके पात्र एंटन को संबोधित कथाकार ओमा शर्मा का यह ख़त आपके लिए ही है. और यदि नहीं,...
निर्मला जैन का समय हिंदी साहित्य के अध्यापन का एक युग ही है. आज़ादी के बाद हिंदी अध्येताओं और अध्यापकों की जो पीढ़ी उभरी उसमें वह अन्यतम थीं. कहना न...
शेक्सपीयर, वर्ड्सवर्थ, वाल्टर स्कॉट, कीट्स, चार्ल्स डिकेन्स, लुईस कैरोल, आर्थर कानन डायल, ऑस्कर वाइल्ड, सिगमंड फ्रायड (जर्मन मनोचिकित्सक), तथा जेम्स जॉयस आदि बहुत ही महत्वपूर्ण लेखक हैं. कथाकार मनीषा कुलश्रेष्ठ...
पिंजरे में क़ैद किसी घायल पक्षी की तड़प. विख्यात लेखिका तेजी ग्रोवर के इस ‘आत्मगल्प’ को पढ़ते हुए यह बिम्ब सामने आ खड़ा होता है. बटवारे के बाद उजड़े परिवारों...
अप्रतिम कवि, लेखक, अनुवादक विष्णु खरे का आज स्मृति दिवस है. विष्णु खरे का जीवन बीहड़ और अप्रत्याशित रहा है. एक दुर्जेय मेधा किस तरह से नए भारत में निर्वासित...
किसी लेखक का तलघर उसकी उन टिप्पणियों में कहीं होता है जो वह पढ़ते, देखते, सोचते हुए कहीं लिख लेता है. लिखते वक्त शायद ही उसके ज़ेहन में होता हो...
सदन झा इतिहास के अध्येता हैं, ‘देवनागरी जगत की दृश्य संस्कृति’ उनकी चर्चित पुस्तक है. प्रस्तुत गद्य-पद्य में स्मृति के अनेक रूपाकार आपको दिखेंगे.
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