कला की मौजूदगी समाज में एक जीवित मौजूदगी है. : रज़ा स्मरण : मनोज मोहन
विश्वप्रसिद्ध चित्रकार सैयद हैदर रज़ा को स्मरण करते हुए उन पर दो दुर्लभ सामग्री प्रस्तुत की जा रही हैं. रज़ा ...
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विश्वप्रसिद्ध चित्रकार सैयद हैदर रज़ा को स्मरण करते हुए उन पर दो दुर्लभ सामग्री प्रस्तुत की जा रही हैं. रज़ा ...
बांग्ला भाषा के महत्वपूर्ण कवि शंख घोष (5/2/1932- 21/4 2021) की स्मृति में हिंदी के कवि और अनुवादक प्रयाग शुक्ल ...
विश्वकवि रवीन्द्रनाथ टैगोर की रचना– ‘चित्त जेथा भयशून्य’ का प्रकाशन जून-जुलाई १९०१ के आस-पास माना जाता है. यह बांगला में ...
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