प्रयागराज में इलाहाबाद : विनोद तिवारी
पुराने शहर ऐसे उपन्यास की तरह हैं जिनके अध्यायों को समय ने समय-समय पर लिखा है. इनमें आंतरिक संवाद है. ...
पुराने शहर ऐसे उपन्यास की तरह हैं जिनके अध्यायों को समय ने समय-समय पर लिखा है. इनमें आंतरिक संवाद है. ...
आज़ादी के बाद की भारतीय राजनीति को जिन विचारकों ने गहरे प्रभावित किया उनमें डॉ. राम मनोहर लोहिया का नाम ...
साहित्य की दुनिया में संस्थाओं का बहुत महत्व होता है. हिंदी भाषा और उसके साहित्य में ‘नागरी प्रचारिणी सभा’ की ...
लेखक, आलोचक, शोधकर्ता और संपादक शम्सुर्रहमान फ़ारुक़ी (३० सितम्बर, १९३५ - २५ दिसम्बर २०२०) उर्दू और अंग्रेजी में लिखते थे. ...
‘मैन अगेंस्ट मिथ’ के लेखक बैरो डनहैम का मानना है कि दर्शन को मानव-मुक्ति का साधन होना चाहिए. सामाजिक अर्थों ...
पाठकों का कवि होकर ही कोई कवियों का कवि हो सकता है. शमशेर बहादुर सिंह की कविताओं को लेकर ...
सआदत हसन मंटो ने एक उपन्यास भी लिखा था, यह बहुत कम लोग जानते हैं. इस उपन्यास के हिंदी में ...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
सर्वाधिकार सुरक्षित © 2010-2023 समालोचन | powered by zwantum