बातचीत

सलमान रुश्दी से ग्रांटा के संपादक थॉमस मीनी की बातचीत : अनुवाद : प्रभात रंजन

सलमान रुश्दी से ग्रांटा के संपादक थॉमस मीनी की बातचीत : अनुवाद : प्रभात रंजन

बिना विश्वदृष्टि के कोई लेखक सचमुच बड़ा नहीं हो सकता. उससे सहमत-असहमत हुआ जा सकता है. इसमें कोई संदेह नहीं कि सलमान रुश्दी दुनिया के बड़े लेखकों में एक हैं....

चंद्रभूषण से महेश मिश्र की बातचीत

चंद्रभूषण से महेश मिश्र की बातचीत

जैसा समय चल रहा है, उसमें गंभीर, प्रमाणिक और आलोचनात्मक लेखन की जगह न केवल सिकुड़ती जा रही है, बल्कि उसमें जोखिम के तत्व का भी समावेश हो गया है....

मार्जान सत्रापी से जोशुआ बेयरमैन की बातचीत अनुवाद : अनुराग अंकुर

मार्जान सत्रापी से जोशुआ बेयरमैन की बातचीत अनुवाद : अनुराग अंकुर

मार्जान सत्रापी की चर्चित कृति पर्सेपोलिस का हिंदी अनुवाद उपलब्ध है. इसी आत्मकथात्मक ग्राफिक उपन्यास ने उन्हें विश्वभर में प्रतिष्ठा दिलाई. बाद में इसके फिल्म रूपांतरण का उन्होंने सह-निर्देशन भी...

बशीर बद्र से मुलाक़ात : शरद कोकास

बशीर बद्र से मुलाक़ात : शरद कोकास

बशीर बद्र छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर आयोजित एक मुशायरे के सिलसिले में दुर्ग आए थे. उस अवसर पर शरद कोकास ने अपने मित्रों के साथ रेलवे स्टेशन पर ही...

महादेवी वर्मा से अज्ञेय की बातचीत

महादेवी वर्मा से अज्ञेय की बातचीत

महादेवी वर्मा को 28 नवंबर 1983 को ब्रिटेन की तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती मार्गरेट थैचर के हाथों दिल्ली में ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया. इस पुरस्कार की घोषणा के समय अज्ञेय...

इक्कीसवीं सदी का हिंदी साहित्य : आचार्य द्विवेदी और अज्ञेय

इक्कीसवीं सदी का हिंदी साहित्य : आचार्य द्विवेदी और अज्ञेय

१९६७ में अज्ञेय ने आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी से यह जानना चाहा था कि इक्कीसवीं सदी का हिंदी साहित्य कैसा होगा. आचार्य द्विवेदी ने इस प्रश्न का उत्तर भी दिया. अब,...

अनिल यादव से महेश मिश्र की बातचीत

अनिल यादव से महेश मिश्र की बातचीत

लेखक के भीतर, उसके तलघर में, निरंतर जटिल, बहुआयामी, चेतन-अचेतन अंतःक्रियाएँ चलती रहती हैं, जबकि पाठक केवल रचना को देखता है. रचना के निर्माण की प्रक्रिया पर इतनी सघन और...

लास्लो क्रास्नाहोर्काई से ऐडम थर्लवेल की बातचीत : अनुवाद : महेश मिश्र

लास्लो क्रास्नाहोर्काई से ऐडम थर्लवेल की बातचीत : अनुवाद : महेश मिश्र

लास्लो क्रास्नाहोर्काई को 2025 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिलने के साथ ही, ऐडम थर्लवेल द्वारा लिया गया उनका लंबा, गहरा और विस्तृत साक्षात्कार अचानक ही प्रासंगिक हो उठा. कई...

साहित्य का नोबेल: ला:सलो क्रॉस्नॉहोरकै : उपमा ऋचा

साहित्य का नोबेल: ला:सलो क्रॉस्नॉहोरकै : उपमा ऋचा

2025 के साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित ला:सलो क्रॉस्नॉहोरकै (laszlo-krasznahorkai) के कुछ साक्षात्कारों पर आधारित इस पाठ में आप हंगरी के इस लेखक का अंतर्मन देखते हैं. बीहड़ लेखन...

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