lekhak: शिरीष मौर्य

शिरीष मौर्य की कविताएँ

पहली कविता बहेलिये की तरफ से नहीं पक्षी की तरफ से चीख़ बनकर उठी थी हालाँकि बहेलिये का भी कोई ...