कला व्यक्ति को कैसे, किस तरह और कितना उदात्त बना सकती है इसे देखना हो तो यथार्थ से भी आगे...
कवि, आलोचक, अनुवादक, पत्रकार, संपादक और फ़िल्म कला मर्मज्ञ विष्णु खरे एक महान पाठक भी थे. उन्हें किसी नवोदित की...
कहते हैं वाल्टर वेन्यामिन सिर्फ उद्धरणों द्वारा ही एक किताब लिखना चाहते थे. कृष्ण कल्पित ‘विरचित’ कविता–रहस्य (New Criticism उर्फ़...
स्मरण गजानन माधव मुक्तिबोध (१३ नवम्बर १९१७...
प्रत्यक्षा की कहानी ‘बारिश के देवता’ का चयन २०१८ के ‘राजेन्द्र यादव हंस कथा सम्मान’ के लिए वरिष्ठ कथाकार उदय...
बारिश के देवता प्रत्यक्षा लगातार बारिश हो रही थी. झमझम. फोन की घँटी बेतहाशा बजती है. हलो हलो ?...
अस्सी वर्षीय भारतरत्न भार्गव (१९३८) का चालीस वर्ष के लम्बे अंतराल के बाद दूसरा कविता संग्रह ‘घिसी चप्पल की कील’...
देखते-देखते हम सबके प्रिय मंगलेश डबराल ७० साल के हो गए. अगर कवि अपनी लिखी जा रही कविताओं में ज़िन्दा...
आइये युवा कवि अंचित की कुछ कविताएँ पढ़ते हैं.
अच्युतानंद मिश्र की बीसवीं शताब्दी के मुख्य चिंतकों पर आधारित चिंतनपरक किताब ‘बाज़ार के अरण्य में’ इसी वर्ष आधार प्रकाशन...
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