साहित्य

कथा – गाथा : अपर्णा मनोज

अपर्णा मनोज अपनी कहानिओं के लिए पूरी तैयारी करती हैं. चाहे उसका मनोवैज्ञानिक पक्ष हो यह उसका वातावरण. यह कहानी...

मैं कहता आँखिन देखी: अनामिका

मैं कहता आँखिन देखी: अनामिका

कवयित्री, कथाकार और स्त्री-विमर्शकार अनामिका से अपर्णा मनोज ने उनके लेखन-कर्म, रचना-प्रक्रिया और सरोकारों पर यह संवाद पूरा किया है....

प्रभात रंजन: अनुवाद की गलती

प्रभात रंजन: अनुवाद की गलती

प्रभात रंजन प्रतिनिधि हिंदी युवा कथाकार हैं. हिंदी कहानी को एकरेखीय स्थूलता से मुक्त करके उसे अपने समय और संकट...

कथा – गाथा : अपर्णा मनोज

     बच्चों के यौन दुराचार की खबरों से शायद ही अखबार का कोई दिन खाली जाता होगा. बाल मन पर इसका...

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