अजय गोयल पेशे से चिकित्सक हैं, ‘एक और मनोहर’ शीर्षक से उनका उपन्यास प्रकाशित हो चुका है. ‘गिनीपिग’ उनका तीसरा...
समालोचन पर अविनाश की कहानी ‘जिल्द’, ज्ञानचंद बागड़ी की कहानी ‘संदेश रासक’ आपने पढ़ी, इसी क्रम में सारंग उपाध्याय की...
(Painting courtesy: Aritra Sen) प्रवासी प्रिय को संदेश भेजने की साहित्य-परंपरा प्राचीन है. पुरानी हिन्दी में...
युवा अविनाश लेखन के शुरुआती दौर में हैं, यह कहानी प्रेम, ऊब और अपराधबोध के इर्दगिर्द रची गई है. पठनीय है....
लेखक-आलोचक पंकज पराशर द्वारा लिखे गये कला क्षेत्र की मकबूल शख्सियतों पर केंद्रित आलेख समालोचन पर आप पढ़ रहें हैं,इन्हें...
The poet is the priest of the invisible. : Wallace Stevens समकालीन कविता पर केंद्रित ‘मैं और मेरी कविताएँ’ के अंतर्गत...
कवि सूरदास के साहित्य में वात्सल्य और श्रृंगार के साथ-साथ सगुण और निर्गुण के द्वंद्व का तीखा बोध है, इसके...
सौ साल पहले आज ही के दिन फणीश्वरनाथ रेणु का जन्म जिला पूर्णिया के गाँव औराही हिंगना में हुआ था....
हिंदी में अर्थशास्त्रीय चिंतन की परम्परा क्षीण ही रही, इस दिशा में डॉ. रामविलास शर्मा ने महत्वपूर्ण कार्य किया हालाँकि...
कवि-कथाकार जितेन्द्र कुमार (1936-2006) को हम लोग लगभग भूल ही चुके हैं. उनका जीवन, कविताएँ और कथा-साहित्य सब लीक से...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
सर्वाधिकार सुरक्षित © 2010-2023 समालोचन | powered by zwantum