वरिष्ठ लेखक और अनुवादक जयप्रकाश सावंत ने स्पेनिश भाषा के प्रसिद्ध रचनाकार बोर्हेस (1899–1986) के सान्निध्य और साहित्य पर कुछ...
एली वीज़ल (1928–2016) केवल एक लेखक नहीं, बल्कि इतिहास के सबसे गहरे घाव के जीवित साक्षी थे. होलोकॉस्ट से बच...
माँ इतनी जगह घेरे रहती है कि पिता का होना दिखाई नहीं देता. रौब-दाब की दहाड़ ही सुनाई पड़ती है....
1934 में अज्ञेय की कहानी ‘गैंग्रीन’ प्रकाशित हुई, जिसका शीर्षक बाद में स्वयं लेखक ने बदलकर ‘रोज़’ कर दिया. उस...
64 वर्ष पूर्व हुई इस बातचीत को पढ़ना केवल एक पाठ नहीं, बल्कि एक अनुभव से गुज़रना है. यह उस...
यह वक्तव्य साहित्य में ७५ वर्षों से भटकते उस व्यक्ति का है जो साहित्य से कभी भटका नहीं. इस भटकने...
आज़ादी के बाद इस महाक्षेत्र में तानाशाही और धार्मिक कट्टरता के विरोध के कारण फ़ैज़ अहमद फ़ैज़, अहमद फ़राज़ और...
2020 के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित लुइज़ ग्लुक (1943-2023) की इन कविताओं में समय, स्मृति और अस्तित्व की जटिलताओं की...
स्टीफ़न स्वाइग के उपन्यास ‘बिवेयर ऑफ पिटी’ से आप परिचित हैं, तो उसके पात्र एंटन को संबोधित कथाकार ओमा शर्मा...
आज जब पुरुषोत्तम अग्रवाल सत्तर वर्ष के हो चुके हैं, उन्हें याद करना अपने प्रिय शिक्षक, मित्र और मार्गदर्शक को...
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