काला पहाड़(१९९९), बाबल तेरा देस में(२००४) तथा रेत(2008) से चर्चित उपन्यासकार भगवानदास मोरवाल (जन्म: २३ जनवरी, १९६०) इधर २०१४ से...
कभी कंप्यूटर प्रोग्रामर रहे जे. एम. कोएट्जी (जन्म: 9 February 1940) आज अंग्रेजी भाषा और विश्व के बड़े उपन्यासकारों में...
नलिन विलोचन शर्मा, राजकमल चौधरी, गोरख पाण्डेय पर शिवमंगल सिद्धांतकार के संस्मरण आप पढ़ चुके हैं. यह श्रृंखला कथाकार ज्ञानचंद...
लेखन, प्रकाशन, संपादन, संस्था-निर्माण और बहुविध आयोजनों की परिकल्पना और संचालन में अशोक वाजपेयी पिछले छह दशकों से सक्रिय हैं....
सुभाष गाताडे हिंदी और मराठी के जाने माने लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता हैं. समालोचन के लिए इधर अपने जीवन-प्रसंगों पर...
(18th-century painting of Padmini.)महाकवि जायसी कृत ‘पदमावत’ के ४८ वर्ष बाद 1588 ईस्वी में हेमरतन ने ‘गोरा बादल पदमिणी चउपई’...
सांस्कृतिक हिंसा के रुपराजाराम भादू प्रकाशक प्राकृत भारती अकादमी, जयपुरप्रथम संस्करण : 2020 / मूल्य रु 320/संस्कृति के सवालों को लेकर लिखने वाले आलोचक,...
अर्जेंटीना के लेखक फर्नांडो सोर्रेंटिनो (जन्म: 8 नवंबर, 1942) स्पेनिश भाषा में लिखते हैं. अब तक उनके छह कहानी-संग्रह प्रकाशित...
‘अब मैं इतना दरिद्र हुआकि मुझ पर अब किसी केप्रेम का कर्ज़ भी नहीं.’ कवि राहुल राजेश आज उस मोड़ पर...
माणिक बंद्योपाध्याय(9 May 1908 – 3 December 1956) की १९४४ में लिखी प्रसिद्ध कहानी ‘स्वामी-स्त्री’ का बांग्ला से हिंदी में...
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