साहित्य

सूर्योदय सूक्त : विनय कुमार

‘चमकते प्रकाश में घुल-मिल गईं उषाएं’ऋग्वेद (मण्डल:१,सूक्ति:९२.२, अनुवाद-गोविन्द चंद्र पाण्डेय)   सूर्य और जल भारतीय संस्कृति के केंद्र में हैं....

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