समीक्षा

ऋत्विक घटक की कहानियाँ : चंद्रकिरण राठी और श्रद्धा श्रीवास्तव

ऋत्विक घटक की कहानियाँ : चंद्रकिरण राठी और श्रद्धा श्रीवास्तव

भारतीय फ़िल्म निर्देशकों में ऋत्विक घटक (4 नवम्बर, 1925 - से 6 फ़रवरी, 1976) का महत्वपूर्ण स्थान है. उन्होंने बांग्ला में कुछ कहानियाँ भी लिखीं हैं, जिनमें से सात का अनुवाद...

बाकी बचे कुछ लोग (अनिल करमेले): कैलाश बनवासी

अनिल करमेले अपनी कल्पनाशील कविता पोस्टरों से आजकल दिन की शुरुआत करते हैं,कविता को उसके पाठकों तक पहुंचाने का यह भी सार्थक उद्यम है. उनका कविता-संग्रह ‘बाकी बचे कुछ लोग’...

आवाज़ को आवाज़ न थी (पारुल पुखराज): अनिरुद्ध उमट

आवाज़ को आवाज़ न थी (पारुल पुखराज): अनिरुद्ध उमट

प्रयोगधर्मी आख्यान- ‘नींद नहीं जाग नहीं’ के बाद कवि अनिरुद्ध उमट की क़िताब ‘वैदानुराग’ इधर प्रकाशित हुई है. उमट आत्मीय और संवेदनशील गद्य लिखते हैं. अनिरुद्ध उमट  का कवयित्री पारुल पुखराज...

नया रास्ता (हरे प्रकाश उपाध्याय): राकेश मिश्र

‘खिलाड़ी दोस्त तथा अन्य कविताएँ’ के बारह साल बाद हरे प्रकाश उपाध्याय का यह दूसरा कविता-संग्रह- ‘नया रास्ता’ रश्मि प्रकाशन से छप कर आया है. इसकी चर्चा कर रहें हैं...

Betrayed By Hope :पत्रों में माइकल मधुसूदन दत्त: रेखा सेठी

माइकल मधुसूदन दत्त (१८२४-१८७३) बांग्ला कविता में मुक्त छंद के प्रणेता रहे हैं, और इसका असर हिंदी में भी पड़ा. प्रारम्भिक हिंदी साहित्य बांग्ला साहित्य से बहुत प्रभावित था यहाँ...

कौन हैं भारत माता ? : आनंद पाण्डेय

कौन हैं भारत माता ? : आनंद पाण्डेय

 ‘‘हम हिन्दुस्तानियों को सुदूर और प्राचीन की तलाश में देश के बाहर नहीं जाना है, उसकी हमारे पास बहुतायत है. अगर हमें विदेशों में जाना है तो वह सिर्फ वर्तमान की...

गिनीपिग (अजय गोयल): सुधांशु गुप्त

 अजय गोयल पेशे से चिकित्सक हैं, ‘एक और मनोहर’ शीर्षक से उनका उपन्यास प्रकाशित हो चुका है. ‘गिनीपिग’ उनका तीसरा कहानी-संग्रह है जिसे हापुड़ से संभावना प्रकाशन ने छापा है,...

हमारे समय में धूमिल: ओम निश्‍चल

धूमिल समग्र तीन खंडों में हाल ही में राजकमल प्रकाशन से प्रकाशित हुआ है जिसका संकलन एवं संपादन धूमिल के  पुत्र डॉ. रत्‍नशंकर पांडेय ने किया है. ज़ाहिर है यह...

गूँगी रुलाई का कोरस(रणेन्द्र): प्रेमकुमार मणि

गूँगी रुलाई का कोरस(रणेन्द्र): प्रेमकुमार मणि

आलोचक रविभूषण का मानना है कि रणेन्द्र का उपन्यास ‘गूँगी रुलाई का कोरस’ गहन अध्ययन, श्रम-अध्यवसाय से लिखा गया एक शोधपरक उपन्यास है. इसमें यह और जोड़ा जाना चाहिए कि...

फणीश्वरनाथ रेणु और आंचलिकता: संदीप नाईक

फणीश्वरनाथ रेणु और आंचलिकता: संदीप नाईक

फणीश्वरनाथ रेणु (४ मार्च, १९२१ - ११ अप्रैल, १९७७) का यह जन्मशती वर्ष है. उनपर एकाग्र पत्रिकाओं के अंक प्रकाशित हो रहें हैं और कुछ प्रकाशित होने वाले हैं. ‘बनास जन’...

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