आत्म

‘तब वे वही चुटकुले सुना रहे थे जिन्हें वे आंसुओं की जगह इस्तेमाल करते आये थे.’: आशुतोष भारद्वाज

(Artwork of Johnson Tsang)संपादक प्रथम पाठक है, कई बार रचनाएँ उसे उसी तरह ही सुख देती हैं तब वह आनायास ही पाठक की तरह चाहता है कि जो आनंद उसे...

निज घर : लटक मत फटक : व्योमेश शुक्ल

तस्वीर : आभार सहित Sughosh Mishraहिंदी के कवि व्योमेश शुक्ल, इधर रंगकर्मी, प्रखर. उनके निर्देशित नाटकों ने देश भर में ध्यान खींचा है, कामायनी, राम की शक्ति पूजा, रश्मिरथी चित्रकूट...

एक एडहॉक शिक्षक की डायरी : संदीप सिंह

एक एडहॉक शिक्षक की डायरी : संदीप सिंह

लगभग सभी संस्कृतियों में शिक्षण का पेशा पवित्र और आदरणीय माना गया है, और समाज शिक्षकों से ज्ञान के संरक्षण, संवर्धन और प्रसार जैसी अनेक जिम्मेदारियों की अपेक्षा करता है....

निज घर : कृष्णा सोबती : एक सोहबत : गरिमा श्रीवास्तव

‘डार से बिछुड़ी’, ‘मित्रो मरजानी’, ‘यारों के यार : तिन पहाड़’, ‘सूरजमुखी अंधेरे के’, ‘सोबती एक सोहबत’, ‘जिंदगीनामा’, ‘ऐ लड़की’, ‘समय सरगम’, ‘जैनी मेहरबान सिंह’, ‘बादलों के घेरे’, ‘हम हशमत’...

निज घर : गोरख पाण्डेय की डायरी

गोरख पांडेय (१९४५ – ८९, देवरिया)जे.एन.यू से ज्यां पाल सात्र के अस्तित्ववाद में अलगाव के तंतुओं पर पी.एच.-डी.जागते रहो सोने वालों और स्वर्ग से विदाई कविता संग्रह प्रकाशित भोजपुरी में भी...

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