फ़रवरी की कविता : अदनान कफ़ील दरवेश
अदनान कफ़ील दरवेश की कविताओं में इसी दुनिया-जहान के मुड़े-तुड़े, तीखे-नुकीले और रिसते हुए घाव हैं. प्रतिकार का एक सजग, ...
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अदनान कफ़ील दरवेश की कविताओं में इसी दुनिया-जहान के मुड़े-तुड़े, तीखे-नुकीले और रिसते हुए घाव हैं. प्रतिकार का एक सजग, ...
बीसवीं शताब्दी को प्रसिद्ध इतिहासकार एरिक हॉब्सबॉम ने अतियों का युग (The Age of Extremes) कहा है. 21वीं शताब्दी में ...
हिंदी साहित्य के लिए पुरस्कार तो बहुत हैं पर भारत भूषण अग्रवाल सम्मान अपनी तरह से अकेला ही है. हर ...
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