कवि को केवल एक चीज़ चाहिए: कुमार अम्बुज
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का निबन्ध है ‘कविता क्या है’. 1909 से लेकर 1930 तक वह इसमें तरमीम-ओ-इज़ाफ़ा करते रहे. इसलिए ...
Home » कवि का काम
आचार्य रामचन्द्र शुक्ल का निबन्ध है ‘कविता क्या है’. 1909 से लेकर 1930 तक वह इसमें तरमीम-ओ-इज़ाफ़ा करते रहे. इसलिए ...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
सर्वाधिकार सुरक्षित © 2010-2026 समालोचन | powered by zwantum