‘अंग्रेजी ढंग का नावेल’ और भारतीय उपन्यास: नामवर सिंह
प्रेमचन्द साहित्य संस्थान गोरखपुर से संपादक केदारनाथ सिंह और सह संपादक सदानंद शाही द्वारा 'साखी' पत्रिका का प्रवेशांक अक्तूबर-दिसम्बर,१९९२ में ...
Home » भारतीय उपन्यास
प्रेमचन्द साहित्य संस्थान गोरखपुर से संपादक केदारनाथ सिंह और सह संपादक सदानंद शाही द्वारा 'साखी' पत्रिका का प्रवेशांक अक्तूबर-दिसम्बर,१९९२ में ...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
सर्वाधिकार सुरक्षित © 2010-2026 समालोचन | powered by zwantum