‘पूर्णावतार’, ‘शिलावहा’ और अवतारवाद: विनोद शाही
अवतारवाद की अवधारणा भारतीय चिंतन के केंद्र में रही है, इसकी व्याप्ति इतनी है कि इसके विरोधी भी कालान्तर में ...
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अवतारवाद की अवधारणा भारतीय चिंतन के केंद्र में रही है, इसकी व्याप्ति इतनी है कि इसके विरोधी भी कालान्तर में ...
मिथकीय पात्रों को केंद्र में रखकर सृजनात्मक लेखन अतीत का वर्तमान के सन्दर्भ में पुनर्लेखन है, कथाकार किरण सिंह शोध-अन्वेषण ...
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