कीहोल सर्जरी: अशअर नज्मी : अनुवाद: रिज़वानुद्दीन फ़ारूक़ी
प्रेम पर निगरानी की वर्तमान विडम्बनाओं और विद्रूपताओं को अशअर नज्मी की कहानी ‘कीहोल सर्जरी’ बड़ी ही पुख्तगी से सामने ...
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प्रेम पर निगरानी की वर्तमान विडम्बनाओं और विद्रूपताओं को अशअर नज्मी की कहानी ‘कीहोल सर्जरी’ बड़ी ही पुख्तगी से सामने ...
कोई कहानी अपने समय का आईना कब बन जाती है, यह उसके शिल्प और दृष्टि, दोनों से तय होता है. ...
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