lekhak: प्रेमकुमार मणि

संस्कृत का शूद्र कवि शूद्रक और मृच्छकटिकम् : प्रेमकुमार मणि

संस्कृत का शूद्र कवि शूद्रक और मृच्छकटिकम् : प्रेमकुमार मणि

अपने यथार्थवादी कथानक के कारण मृच्छकटिकम् संस्कृत नाट्यपरंपरा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण नाटक है, जिसे प्रायः ईसा की प्रारंभिक शताब्दियों ...

उषा प्रियंवदा की स्त्रियाँ : प्रेमकुमार मणि

 ‘वापसी’ जैसी कालजयी कहानियों के अलावा ‘पचपन खंभे लाल दीवारें’, ‘रुकोगी नहीं राधिका’, ‘शेषयात्रा, ‘अंतर्वंशी’,‘भया कबीर उदास’, ‘नदी’, \'अल्पविराम\' आदि ...

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