lekhak: विनय कुमार

सूर्यास्त सूक्त: विनय कुमार

सूर्यास्त सूक्त: विनय कुमार

विनय कुमार की सूर्योदय श्रृंखला की कुछ कविताएँ आपने समालोचन पर नवम्बर २०२० में पढ़ी थीं,  आज सूर्यास्त श्रृंखला की ...

सूर्योदय सूक्त : विनय कुमार

‘चमकते प्रकाश में घुल-मिल गईं उषाएं’ऋग्वेद (मण्डल:१,सूक्ति:९२.२, अनुवाद-गोविन्द चंद्र पाण्डेय)   सूर्य और जल भारतीय संस्कृति के केंद्र में हैं. ...