lekhak: स्वप्निल श्रीवास्तव

स्वप्निल श्रीवास्तव की कविताएँ

कुछ कवि कविता में रहते-रहते खुद कविता की तरह लगने लगते हैं जैसे निराला, शमशेर, जैसे मुक्तिबोध जैसे आलोकधन्वा.स्वप्निल श्रीवास्तव ...