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लगभग पाँच वर्ष पूर्व काँवड़-यात्रा पर नरेश गोस्वामी का एक शोध आलेख यहीं छपा था. और अब यह पूरी पुस्तक...
प्रेम पर निगरानी की वर्तमान विडम्बनाओं और विद्रूपताओं को अशअर नज्मी की कहानी ‘कीहोल सर्जरी’ बड़ी ही पुख्तगी से सामने...
मीर-जी ज़र्द होते जाते हो/क्या कहीं तुमने भी किया है इश्क़?’. “I love you as certain dark things are to...
प्रेम तिथियों का मोहताज़ नहीं. वह सर्द दिनों में भी अंकुरित हो जाता है और पतझर में भी खिल सकता...
आमिर हमज़ा वर्षों से एक लगातार शोक गीत हैं. वह इसे लिखे जा रहे हैं. तरह-तरह से. यह शोक समय...
युवा कवयित्री गुंजन उपाध्याय पाठक की इन कविताओं में रूपक अनुभव में बदल जाते हैं और अतिशयोक्तियाँ यथार्थवादी औज़ार बन...
विद्वानों की संगत अपने आप में एक सांस्कृतिक उपलब्धि है. और जब यह संगत अरुण खोपकर जैसे लेखक-निर्देशक और चन्द्रकान्त...
‘राजेंद्र यादव हंस कथा सम्मान’ से सम्मानित योगिता यादव की यह नयी कहानी ‘आदम की जात’ आदम के साथ-साथ व्यवस्था...
वरिष्ठ पत्रकार-लेखक त्रिभुवन की यह नई कहानी टोडरमल मार्ग से होती हुई इतिहास में प्रवेश कर जाती है. टोडरमल कौन...
कोई कहानी अपने समय का आईना कब बन जाती है, यह उसके शिल्प और दृष्टि, दोनों से तय होता है....
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
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