इतिहास में ऐसे नायकों की कोई कमी नहीं, जो अपनी ही विजय से पराजित हो जाते हैं. जे. रॉबर्ट ओपेनहाइमर...
समाज-विज्ञानी, कथाकार और अनुवादक नरेश गोस्वामी इन दिनों अपनी दो अलग-अलग पुस्तकों के कारण चर्चा में हैं. जहाँ उनकी कृति...
महादेवी वर्मा को 28 नवंबर 1983 को ब्रिटेन की तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती मार्गरेट थैचर के हाथों दिल्ली में ज्ञानपीठ पुरस्कार...
वरिष्ठ कवि अनिल गंगल की कविताएँ समकालीन जीवन के यथार्थ से टकराती हुई उस संवेदनात्मक आंच में तप्त होती हैं,...
सृष्टिगत सौंदर्य का एक बोध भाषा भी कराती है. वरिष्ठ कवि सत्यपाल सहगल की कविताएँ धूप और अँधेरे की तरह...
78 वर्षीय वरिष्ठ कथाकार अशोक अग्रवाल के संस्मरणों को पढ़ना अपने आप में एक विकट अनुभव है. एक पूरा कालखंड...
वरिष्ठ कथाकार संतोष दीक्षित की नई कहानी ‘गले का पट्टा’ प्रस्तुत है. इसमें एक प्रशासनिक अधिकारी, चुनाव ड्यूटी और एक...
कथाकार योगिता यादव का तीसरा कहानी-संग्रह, ‘नये घर में अम्मा’ सेतु प्रकाशन से छप कर आया है जिसमें आठ कहानियाँ...
दीप्ति कुशवाह की ‘रंगों के पार्श्व में’ लिखी गई ये कविताएँ रंगों को उनके स्थिर, पारंपरिक अर्थों से मुक्त करके...
अमेय कान्त की कविताएँ समकालीन जीवन के एकाकीपन, उदासी और निरर्थकता के चित्र बनाती चलती हैं. वे बताती नहीं, दिखाती...
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