आलेख

मुद्राराक्षस का नारकीय : संतोष अर्श

“एक ही फन हमने सीखा है,जिस से मिलिये उसे ख़फा कीजिये ” (जॉन एलिया)मुद्राराक्षस (२१ जून १९३३- १३ जून २०१६) इसी तरह के व्यक्ति थे, उनका आत्मपरक उपन्यास ‘नारकीय’ इस...

ग़ालिब की दिल्ली: सच्चिदानंद सिंह

ग़ालिब की दिल्ली: सच्चिदानंद सिंह

मिर्ज़ा असदुल्लाह खां ग़ालिब (27 दिसम्बर 1797- 15फरवरी 1869) पर अगर बातें हों तो वे भी उनकी शायरी की ही तरह दिलकश और दिलफरेब हो जाती हैं. असल चीज है...

कृष्णा सोबती : कुछ खत, एक पिक्चर पोस्टकार्ड : आशुतोष भारद्वाज

कृष्णा सोबती : कुछ खत, एक पिक्चर पोस्टकार्ड : आशुतोष भारद्वाज

कृष्णा सोबती पर आशुतोष भारद्वाज का यह ‘स्मरण’ कृष्णा जी के जीवन के ऐसे पहलूओं को सामने लाता है जिस पर वह खुद मौन रहना पसंद करती थीं, हालाँकि यहाँ...

दस्तंबू : सच्चिदानंद सिंह

दस्तंबू : सच्चिदानंद सिंह

महाकवि ग़ालिब का ‘दस्तंबू’ जिसे १८५७ के महाविद्रोह की डायरी कहा जाता है, अदब के लिहाज़ से मानीखेज़ तो है ही ढहते हुए पतनशील सामंती सल्तनत और हिंदुस्तान में स्थापित...

जीवनानंद दास : अनुवाद का अपराध : शिव किशोर तिवारी

\'सभी कवि नहीं होते कोई-कोई ही कवि होता है’ ऐसा मानने वाले जीवनानंद दास (१७ फरवरी, १८९९ - २२ अक्टूबर,१९५४) साहित्य अकादेमी द्वारा पुरस्कृत (१९५५) पहले बांग्ला कवि हैं. ‘जीवनानंद...

तुलसी राम : मुर्दहिया अमर है : मोनिका कुमार

मुर्दहिया और मणिकर्णिका के लेखक, प्रसिद्ध बौद्ध–विचारक और अंतर-राष्ट्रीय सम्बन्धों के विशेषज्ञ तुलसीराम की आज पुण्यतिथि है. आज ही के दिन लम्बी बीमारी से लड़ते हुए २०१५ में वे हमसे...

कृष्णा सोबती: मृत्युलोक के नश्वर : अनुराधा सिंह

कृष्णा सोबती: मृत्युलोक के नश्वर : अनुराधा सिंह

कृष्णा सोबती ने मुक्तिबोध के लिए लिखा है – “मुक्तिबोध के लेखकीय अस्तित्व में ब्रह्माण्ड के विशाल, विराट विस्तार का भौगोलिक अहसास और उससे उभरती, उफनती, रचनात्मक कल्पनाएँ अन्तरिक्ष, पृथ्वी...

भूमंडलोत्तर कहानी – २३ : वन्दना राग(ख़यालनामा) : राकेश बिहारी

आलोचक और कथाकार राकेश बिहारी के स्तम्भ ‘भूमंडलोत्तर कहानी’ का समापन वन्दना राग की कहानी ‘ख़यालनामा’ की विवेचना से हो रहा है, इसके अंतर्गत आपने निम्न कहानियों पर आधारित आलोचनात्मक...

भूमंडलोत्तर कहानी- 22: बंद कोठरी का दरवाजा (रश्मि शर्मा): राकेश बिहारी

भूमंडलोत्तर कहानी- 22: बंद कोठरी का दरवाजा (रश्मि शर्मा): राकेश बिहारी

समकालीन कथा-साहित्य पर आधारित स्तंभ ‘भूमंडलोत्तर कहानी’ की २२ वीं कड़ी में आलोचक राकेश बिहारी ‘रश्मि शर्मा’  की कहानी ‘बंद कोठरी का दरवाजा’ की चर्चा कर रहें हैं. यह कहानी...

Page 29 of 38 1 28 29 30 38

फ़ेसबुक पर जुड़ें