वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप कुमार (4 मार्च 1955, नगीना) अंग्रेजी अखबारों में इतिहास, साहित्य, शास्त्रीय संगीत और पेंटिंग पर भी नियमित...
आलोचना के परिसर गोपेश्वर सिंहवाणी प्रकाशन, नयी दिल्लीप्रथम संस्करण-2019मूल्य- रू. 695आलोचक गोपेश्वर सिंह की \'आलोचना के परिसर\' पुस्तक इसी वर्ष वाणी प्रकाशन...
अनुवाद दो भाषाओं को जहाँ जोड़ता है वहीं दो संस्कृतियों को मिलाता भी है. ‘इस्टोनिया’ की कवयित्री डोरिस कारेवा की...
‘खड़ी बोली’ को राष्ट्र भाषा ‘हिंदी’ बनाने के लिए जहाँ लम्बा संघर्ष किया गया वहीं अंग्रेजी और अन्य भारतीय भाषाओं...
दुनिया में जिन कवियों को विश्व-कवि और महाकवि का दर्ज़ा मिला है, उनकी अग्रणी पंक्ति में पाब्लो नेरूदा शुमार किए...
नरेश गोस्वामी के कथाकार ने अपने लिए जो प्रक्षेत्र चुना है वह पढ़े लिखे आदर्शवादी युवाओं के मोहभंग और उनकी...
२०१९ के साहित्य के नोबेल पुरस्कार के लिए जब ओल्गा टोकार्चूक (Olga Tokarczuk) के नाम की घोषणा हुई तो पहली प्रतिक्रिया यही थी...
कविता कवि और उसके परिवेश के बीच आकार लेती है. समर्थ कविताएँ अपने समय से टकराती हैं, बहुस्तरीय, दृश्य-अदृश्य, और...
अम्बर पाण्डेय की यह तीसरी कहानी है, इसका कथ्य और शिल्प दोनों पिछली कहानियों से अलग है. लम्बे और जटिल...
गिरधर राठी साहित्य अकादेमी की त्रैमासिक पत्रिका ‘समकालीन भारतीय साहित्य’ के लम्बे समय तक संपादक रहें हैं. उनके चार कविता...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
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