साहित्य

विजया सिंह की कविताएँ

“इधर किसी अत्यंत प्रतिभाशाली कवयित्री विजया सिंह की कुछ आश्चर्यजनक अनूठी कविताएँ आपने अपने मिलते-जुलते नाम विजया सिंह से छपा...

रूमी की ग़ज़लें : अनुवाद बलराम शुक्ल

(रूमी का मक़बरा,कोन्या, तुर्की)शायर-सूफी मौलाना मुहम्मद जलालुद्दीन रूमी (१२०७) की रूबाईयां और ग़ज़लें विश्व की सभी भाषाओँ में अनूदित हुईं...

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