कविता

तालाबंदी में किसी अज्ञात की खोज : विजय कुमार

(पिकासो)वरिष्ठ कवि विजय कुमार की लम्बी कविता ‘तालाबंदी में किसी अज्ञात की खोज’ इस समय का मार्मिक, तीक्ष्ण, बेधक आख्यान है. यह समय-संकट अस्तित्व का ही नहीं नैतिकता का भी...

कोरोना एकान्‍त में कुछ कविताएँ : अशोक वाजपेयी

कोरोना एकान्‍त में कुछ कविताएँ : अशोक वाजपेयी

कवि, विचारक, कला-संस्कृति मर्मज्ञ अशोक वाजपेयी की कुछ बिलकुल नई कविताएँ प्रस्तुत हैं. इनमें मेघ-मन्द्र स्वर में कोरोनाकालीन समय की उदासी, विवशता, बेचैनी के साथ वह उम्मीद भी है जो...

युवा कविता : दो : ओम निश्चल

हिंदी के कवियों के इधर प्रकाशित काव्य संग्रहों की विवेचना पर आधारित आलोचक ओम निश्चल के आलेखों की श्रृंखला की दूसरी कड़ी प्रस्तुत है. इस कड़ी में विनोद पदरज, अनिल...

गणेश पाण्डेय की कविताएँ

‘संतन को कहा सीकरी सों काम?आवत जात पनहियाँ टूटी, बिसरि गयो हरि नाम।।जिनको मुख देखे दुख उपजत, तिनको करिबे परी सलाम।।कुभंनदास लाल गिरिधर बिनु, और सबै बेकाम।।आज से लगभग पांच...

राग पूरबी (कविताएँ) : शिरीष कुमार मौर्य

राग पूरबी (कविताएँ) : शिरीष कुमार मौर्य

कवि-आलोचक शिरीष मौर्य इधर विषय केन्द्रित कविताएँ लिख रहें हैं. बौद्धमत से सम्बंधित सिद्धों के ‘चर्यापद’ को आधार बनाकर लिखी उनकी कुछ कविताएँ आपने समालोचन पर अभी कुछ दिनों पहले...

राहुल राजेश की कविताएँ

पहली कविता बहेलिये की तरफ से नहीं पक्षी की तरफ से चीख़ बनकर उठी थी हालाँकि बहेलिये का भी कोई सच हो सकता है. कविता सच और सच में फ़र्क...

एकांत: राकेश श्रीमाल की कविताएँ

वैसे तो मनुष्य सामाजिक प्राणी है, पर कभी-कभी उसे एकांत का प्राणी भी बनना पड़ता है. इसमें वह चाहे तो ख़ुद से मिल सकता है. राकेश श्रीमाल की कविताएँ इसी...

बसंत त्रिपाठी की कविताएँ

बंसत त्रिपाठी को २००४ से पढ़ता आ रहा हूँ जब उनका संग्रह ‘सहसा कुछ नहीं होता’ ज्ञानपीठ ने छापा था, हलांकि उनके साथ जो संग्रह प्रकाशित हुए थे उनमें मेरा...

मैत्री : तेजी ग्रोवर

हिंदी की महत्वपूर्ण कवयित्री और अभी हाल ही में अनुवाद के लिए स्वीडन द्वारा नाईट की उपाधि से सम्मानित तेजी ग्रोवर का आज जन्म दिन है. समालोचन की तरफ से...

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