समीक्षा

कला की जगहें : सीरज सक्सेना

कलाकार, कवि, गद्यकार सीरज सक्सेना (३० जनवरी १९७४, मध्य-प्रदेश) सिरेमिक, वस्त्र, पेंटिंग, लकड़ी और ग्राफिक कला जैसे विभिन्न माध्यमों में २२ वर्षों से सक्रिय हैं. उन्होंने इंदौर स्कूल ऑफ आर्ट्स...

देवनागरी जगत की दृश्य संस्कृति (सदन झा) : शुभनीत कौशिक

देवनागरी जगत की दृश्य संस्कृति (सदन झा) : शुभनीत कौशिक

समीक्षा कृति से संवाद करती है, और उसके प्रति रुचि पैदा करती है, वह न तो पुस्तक-परिचय है न उसका प्रचार. संवाद के लिए विषय-वस्तु और पृष्ठभूमि से परिचय आवश्यक...

‘एंट्स एमंग एलीफेंट्स (सुजाता गिडला) : शुभनीत कौशिक

‘एंट्स एमंग एलीफेंट्स (सुजाता गिडला) : शुभनीत कौशिक

शुभनीत कौशिक इतिहास के अध्येता हैं, सुजाता गिडला की चर्चित किताब 'एंट्स एमंग एलीफेंट्स: एन अनटचेबल फ़ेमिली एंड द मेकिंग ऑफ मॉडर्न इंडिया' पर लिखी यह उनकी समीक्षा है. इस किताब...

परख : केवल कुछ वाक्य (उदयन वाजपेयी) : मिथलेश शरण चौबे

पेशे से चिकित्सक उदयन वाजपेयी (४ जनवरी-१९६०, सागर) के तीसरे  कविता संग्रह ‘केवल कुछ वाक्य’ का प्रकाशन धौली बुक्स (भुवनेश्वर) ने किया है, जो अधिकतर उड़िया और अंग्रेजी में किताबें...

वैधानिक गल्प: एक इंवेस्टिगेशन रिपोर्ट : सत्यम श्रीवास्तव

कथाकार चंदन पाण्डेय का उपन्यास ‘वैधानिक गल्प’ चर्चा में है. कृति जब अपने समय को छूती है और उसका एक तरह से प्रतिपक्ष रचती है, उसका पूरक बनती है तब...

परख : बिसात पर जुगनू (वंदना राग) : सत्यम श्रीवास्तव

‘बिसात पर जुगनू’ कथाकार वंदना राग का पहला उपन्यास है, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर है. जो इसी वर्ष राजकमल से छप कर आया है.कई बार मुझे लगता है कि साहित्य इतिहास...

परख : कौन देस को वासी : वेणु की डायरी (सूर्यबाला) : ओम निश्चल

वरिष्ठ कथाकार सूर्यबाला का नया उपन्यास प्रकाशित हुआ है.- ‘कौन देस को वासी: वेणु की डायरी’. यह उपन्यास प्रवास की सामाजिक–मानसिक उलझनों से जूझता है. इसका उत्स खुद लेखिका का अपना...

परख : रानी रूपमती की आत्मकथा (प्रियदर्शी ठाकुर ‘ख़याल’)

रानी रूपमती की आत्मकथा’ उपन्यास है जिसे प्रियदर्शी ठाकुर ‘ख़्याल’ ने लिखा है जो इसी वर्ष राजकमल से छप कर आया है, इस उपन्यास की चर्चा कर रहीं हैं साधना...

परख: वंचना (भगवानदास मोरवाल) : अंकित नरवाल

‘वंचना’, भगवानदास मोरवाल (१९६०) का सातवां उपन्यास है, जिसे राजकमल ने प्रकाशित किया है. मोरवाल जी के उपन्यासों के अनुवाद मराठी,उर्दू और अंग्रेजी में हुए हैं, उन्हें दिल्ली हिंदी अकादेमी...

शर्मिष्ठा और उपन्यास : कौशल तिवारी

मिथकीय पात्रों पर आधारित उपन्यासों का हिंदी में पाठक वर्ग है. अंग्रेजी भाषी पाठकों में तो इसकी मांग रहती ही है, देवदत्त पटनायक, अमीश त्रिपाठी आदि इसके लोकप्रिय लेखक हैं....

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