बातचीत

इक्कीसवीं सदी का हिंदी साहित्य : आचार्य द्विवेदी और अज्ञेय

इक्कीसवीं सदी का हिंदी साहित्य : आचार्य द्विवेदी और अज्ञेय

१९६७ में अज्ञेय ने आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी से यह जानना चाहा था कि इक्कीसवीं सदी का हिंदी साहित्य कैसा होगा. आचार्य द्विवेदी ने इस प्रश्न का उत्तर भी दिया. अब,...

अनिल यादव से महेश मिश्र की बातचीत

अनिल यादव से महेश मिश्र की बातचीत

लेखक के भीतर, उसके तलघर में, निरंतर जटिल, बहुआयामी, चेतन-अचेतन अंतःक्रियाएँ चलती रहती हैं, जबकि पाठक केवल रचना को देखता है. रचना के निर्माण की प्रक्रिया पर इतनी सघन और...

लास्लो क्रास्नाहोर्काई से ऐडम थर्लवेल की बातचीत : अनुवाद : महेश मिश्र

लास्लो क्रास्नाहोर्काई से ऐडम थर्लवेल की बातचीत : अनुवाद : महेश मिश्र

लास्लो क्रास्नाहोर्काई को 2025 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिलने के साथ ही, ऐडम थर्लवेल द्वारा लिया गया उनका लंबा, गहरा और विस्तृत साक्षात्कार अचानक ही प्रासंगिक हो उठा. कई...

साहित्य का नोबेल: ला:सलो क्रॉस्नॉहोरकै : उपमा ऋचा

साहित्य का नोबेल: ला:सलो क्रॉस्नॉहोरकै : उपमा ऋचा

2025 के साहित्य के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित ला:सलो क्रॉस्नॉहोरकै (laszlo-krasznahorkai) के कुछ साक्षात्कारों पर आधारित इस पाठ में आप हंगरी के इस लेखक का अंतर्मन देखते हैं. बीहड़ लेखन...

महाकवि अश्वघोष का बुद्धचरित : चंद्रभूषण से महेश मिश्र की बातचीत

महाकवि अश्वघोष का बुद्धचरित : चंद्रभूषण से महेश मिश्र की बातचीत

अश्वघोष का ‘बुद्धचरित’ धार्मिक ही नहीं, साहित्यिक दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है. यह एक ऐसा महाकाव्य है, जो भारत में सदियों तक गुमनामी में रहा. चंद्रभूषण की पुस्तक ‘बुद्धचरित और...

‘तब इंदिरा जी ने उन्हें बुलवाकर पूछा था कि श्रीकांत तुम कौन-सा मंत्री पद लेना चाहोगे’

‘तब इंदिरा जी ने उन्हें बुलवाकर पूछा था कि श्रीकांत तुम कौन-सा मंत्री पद लेना चाहोगे’

हिंदी के साहित्यकार देश के स्वाधीनता-संघर्ष में भागीदार रहे. आज़ादी के बाद सत्ता से उनके निकट संबंध बने. मैथिलीशरण गुप्त, दिनकर, जैनेन्द्र, महादेवी, सुभद्राकुमारी चौहान, बच्चन आदि ऐसे प्रमुख नाम...

सुकृता पॉल कुमार से रेखा सेठी की बातचीत

सुकृता पॉल कुमार से रेखा सेठी की बातचीत

भारतीय अंग्रेज़ी साहित्य की महत्वपूर्ण लेखिका सुकृता पॉल कुमार के तेरह कविता-संग्रह, चौदह संपादित, चार अनूदित और चार आलोचनात्मक पुस्तकें प्रकाशित हैं. देश-विदेश के कई सम्मानों से सम्मानित हैं. इन...

युवाल नोआ हरारी से गिरीश कुबेर की बातचीत

युवाल नोआ हरारी से गिरीश कुबेर की बातचीत

हिंदी में युवाल नोआ हरारी किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं. ‘सेपियन्स’, ‘होमो डेयस’ और ‘२१ वीं सदी के लिए २१ सबक़’ आदि उनकी पुस्तकें हिंदी में अनूदित होकर खूब...

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