बातचीत

भगवानदास मोरवाल से राकेश श्रीमाल की बातचीत और ख़ा न ज़ा दा

  काला पहाड़(१९९९), बाबल तेरा देस में(२००४) तथा रेत(2008) से चर्चित उपन्यासकार भगवानदास मोरवाल (जन्म: २३ जनवरी, १९६०) इधर २०१४ से लगभग हर साल उपन्यास आदि लिख रहें हैं- नरक...

अशोक वाजपेयी से अरुण देव की बातचीत

अशोक वाजपेयी से अरुण देव की बातचीत

लेखन, प्रकाशन, संपादन, संस्था-निर्माण और बहुविध आयोजनों की परिकल्पना और संचालन में अशोक वाजपेयी पिछले छह दशकों से सक्रिय हैं. साहित्य, कला और संस्कृति के क्षेत्र में उनका योगदान अप्रतिम,...

पैंसठवें पायदान पर धीरेन्द्र अस्थाना: राकेश श्रीमाल

उम्र के पैंसठवें पायदान पर धीरेन्द्र अस्थाना से राकेश श्रीमाल ने उनके जीवन और उसकी बुनावट पर तसल्ली और गहराई  से बात की है. यह भी किसी कथा से कम...

रणेन्द्र से संतोष अर्श की बातचीत

रणेन्द्र द्वारा आदिवासी पृष्ठभूमि पर लिखे उपन्यासों- ‘ग्लोबल गाँव के देवता’ और ‘गायब होता देश’ ने वन और उसके वासियों की संस्कृति, संकट और संघर्ष को सबलता से प्रस्तुत करने...

कुँवर नारायण : कुमारजीव, स्मृति और संवाद : रेखा सेठी

 ‘कि उसमें विनम्र अभिलाषाएं हों बर्बर महत्त्वकांक्षाएं नहीं,’ हिंदी के महत्वपूर्ण कवियों में से एक कुंवर नारायण  का आज जन्म दिन है, कुंवर जी आज सशरीर होते तो ९३ वर्ष...

नरेश सक्सेना से संतोष अर्श की बातचीत (अंतिम क़िस्त)

नरेश सक्सेना से संतोष अर्श की बातचीत (अंतिम क़िस्त)

हिंदी के वरिष्ठ और विशिष्ट कवि नरेश सक्सेना से युवा आलोचक-कवि संतोष अर्श की यह दीर्घ बातचीत अब यहाँ सम्पूर्ण होती है. तीन क़िस्तों में प्रकाशित इस संवाद में संतोष...

आत्म संशय का होना किसी लेखक के लिए बुरा नहीं है : मनोहर श्याम जोशी

(अर्पण कुमार और मनोहर श्याम जोशी )यह इंटरव्यू मैंने साकेत, नई दिल्ली स्थित मनोहर श्याम जोशी के घर जाकर लिया था. १९९९ अपनी समाप्ति पर था और उत्तरी दिल्ली से...

नरेश सक्सेना से संतोष अर्श की बातचीत (दूसरी क़िस्त)

नरेश सक्सेना से संतोष अर्श की बातचीत (दूसरी क़िस्त)

वरिष्ठ कवि नरेश सक्सेना से युवा आलोचक संतोष अर्श की बातचीत का यह दूसरा हिस्सा प्रस्तुत है जो फिल्मों और प्रेम पर एक तरह से केन्द्रित हो गयी है, हालाँकि...

नरेश सक्सेना से संतोष अर्श की बातचीत

नरेश सक्सेना से संतोष अर्श की बातचीत

हिंदी के वरिष्ठ कवि नरेश सक्सेना अपनी कविताओं के साथ-साथ कविता पर रोचक, अर्थगर्भित बातचीत के लिए भी जाने जाते हैं. उनसे यह संवाद संतोष अर्श ने पूरा किया है...

कृष्ण बलदेव वैद से आशुतोष भारद्वाज की बातचीत

कृष्ण बलदेव वैद से आशुतोष भारद्वाज की बातचीत

हिंदी कथा संसार में एक बहुमूल्य त्रिगुट है- निर्मल वर्मा, कृष्णा सोबती और कृष्ण बलदेव वैद. ये तीनों हस्तियाँ आपस में मित्र भी रहीं हैं. कृष्ण बलदेव वैद का लेखन...

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