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परख : वृद्धत्व की विवेचनाएं : अविनाश मिश्र

by David Hodgsonअविनाश मिश्र का यह लेख गोविन्द मिश्र के उपन्यास ‘शाम की झिलमिल’ तक अपने को सीमित नहीं रखता, साहित्य में  उम्रदराज पीढ़ी और उनके लेखन में ढलती उम्र...

मीमांसा : काव्य से मुक्ति : कौशल तिवारी

by georgemckimकविता क्या है, किसलिए है ? आदि जिज्ञाषाएं प्राचीनतम है. हर भाषा के काव्यशास्त्र में इनपर कुछ न कुछ सोच–विचार आपको मिलेगा. संस्कृत काव्यशास्त्र में आनंद, सीख, यश आदि कविता के प्रयोजन...

परख : महिषासुर – मिथक व परम्परा : कँवल भारती

  वर्तमान के संघर्ष का युद्ध- क्षेत्र अतीत होता है. औपनिवेशिक शासकों ने भारतीय मिथकों को अपने हितों के सहयोगी इतिहास के रूप में सृजित किया. प्रतिक्रिया में मिथकों को समझने...

मैं कहता आँखिन देखी : रामदेव धुरंधर

प्रवासी लेखन (Diaspora literature) आज विश्व में चर्चा और चिंतन का विषय बना हुआ है. हिंदी प्रवासी लेखकों में मारीशस के वरिष्ठ कथाकार रामदेव धुरंधर का अहम मुकाम है. प्रवासी...

परख : नरेन्द्र पुण्डरीक : लोकचेतना और इतिहासबोध : सुशील कुमार

समकालीन महत्वपूर्ण कवि नरेन्द्र पुण्डरीक के चार कविता संग्रह – ‘नगें पाँव का रास्ता’ (१९९२), ‘सातों आकाशों की लाडली’ (२०००), ‘इन्हें देखने दो इतनी ही दुनिया’ (२०१४) तथा ‘इस पृथ्वी...

मंगलाचार : अस्मिता पाठक

Aisha Khalid                                       सरमैं कक्षा ११ की छात्र हूँ. मैं आपको अपनी एक कविता भेज रही हूँ. उम्मीद है, आप...

कथा – गाथा : भंवर : अबीर आनंद

कृति :  saad-qureshiपश्चिमी उत्तर प्रदेश (पीलीभीत) के अबीर आनंद सैनिक स्कूल घोड़ाखाल (नैनीताल), हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (कानपुर), आई. आई. टी. (खड़गपुर) और  IIM (कलकत्ता) से होते हुए इस्पात, आयल एंड...

‘द ब्रिजेज ऑफ़ मेडीसन काउन्टी’ से दो पत्र: यादवेन्द्र

‘द ब्रिजेज ऑफ़ मेडीसन काउन्टी’ से दो पत्र: यादवेन्द्र

1992 में प्रकाशित रॉबर्ट जेम्स वालर का उपन्यास "द ब्रिजेज ऑफ़ मेडीसन काउन्टी" बीसवीं शताब्दी के सर्वाधिक बिकने वाले उपन्यासों में शुमार है और कहा जाता है कि अब तक...

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