Uncategorized

सहजि सहजि गुन रमैं : कात्यायनी

(पेंटिग :  Bernardo Siciliano : PANIC ATTACK II)कात्यायनी की कविताएँ प्रतिबद्ध और साहसिक हैं, इसलिए असरदार हैं कि उनमें समझौते नहीं हैं न रियायत बरती गयी है. वह वरिष्ठ ही नहीं...

सैराट – संवाद (६) : क्या इस हत्या में आप भी शामिल हैं ?

सैराट अब एक फ़िल्म भर नहीं है. इसे सिर्फ सिनेमा के तत्वों से नहीं  समझा जा सकता. इसकी ‘सफलता’ की जड़ें दरअसल सदियों पुराने भारतीय समाज के विभाजन में हैं,...

सबद भेद : हिंदी कविता के डेढ़ दशक : ओम निश्चल

ओम निश्चल ने पिछले डेढ़ दशक में प्रकाशित कविता-संग्रहों में से अपनी पसंद के संग्रहों के आधार पर डेढ़ दशक की कविताओं का एक लेखा-जोखा तैयार किया है. इसमें समकालीन...

सैराट – संवाद : (५) : दर्शक क्यों ‘सैराट’ हुए होंगे?

मराठी फ़िल्म ‘सैराट’ पर संवाद के अंतर्गत आपने कल मराठी के शीर्षस्थ कथाकार, नाटककार तथा नाट्य समीक्षक जयंत पवार का मराठी में लिखा आलेख ‘प्रेक्षक का \'\'सैराट\'\' झाले असावेत?’ देखा/...

सैराट : संवाद (४): जयंत पवार

हिंदी के प्रारम्भिक लेखक हिंदी के साथ साथ मराठी भी जानते थे. भारतेंदु ने अपने नाटकों में मराठी का प्रयोग किया है. सरस्वती के महान संपादक महावीरप्रसाद द्विवेदी ने मराठी...

सैराट : संवाद (३): कैलाश वानखेड़े

मराठी फ़िल्म ‘सैराट’ पर विष्णु खरे के आलेख से प्रारम्भ ‘वाद/विवाद/संवाद’ की अगली कड़ी में कथाकार कैलाश वानखेड़े का आलेख प्रस्तुत है. इससे पहले आपने मराठी/अंग्रेजी के फ़िल्म- आलोचक आर....

सैराट : संवाद (२): आर. बी. तायडे

फ़िल्म मीमांसक विष्णु खरे की  मराठी फ़िल्म ‘सैराट’ की विवेचना ने अब एक बहस का रूप ले लिया है. ‘सैराट’ के हिंदी ‘मायने’ से शुरू हुआ यह विवाद अब फ़िल्म...

परिप्रेक्ष्य : मैन बुकर इंटरनेशनल और ‘द वेजिटेरियन’ : सरिता शर्मा

हान कांग (Han Kang, जन्म November 27, 1970, साउथ कोरिया) को उनके उपन्यास ‘The Vegetarian’ के लिए 2016 के मैन बुकर इंटरनेशनल प्राइज के लिए चुना गया है.  लेखिका ‘हान कांग’...

मंगलाचार : संदीप तिवारी

पेंटिग : bijay-biswalकविता के साथ लय का रिश्ता पुराना है, अक्सर छंद च्युत कविताओं में भी आंतरिक संगति रहती है. हर कविता की अपनी लय होती है. संभव है संदीप तिवारी...

परख : वसु का कुटुम (मृदुला गर्ग)

वसु का कुटुम मृदुला गर्ग राजकमल प्रकाशन प्रा. लि. मूल्य-125 रुपए पृष्ठ-119 समीक्षावसु का कुटुम-21वीं सदी का कच्चा-चिट्ठा                         सुधा उपाध्याय मेरे हाथ पिछले दिनों मृदुला...

Page 30 of 69 1 29 30 31 69

फ़ेसबुक पर जुड़ें