जीवन जो कुछ प्रलापमय है : शिरीष कुमार मौर्य
शब्द रचनाकार के लिए सार्थक तभी होते हैं जब वह उनकी सतर्क सुधि लेता है. उन्हें उलटता – पुलटता है, बेज़ान और घिस गए शब्दों की जगह नए शब्द तलाशता...
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शब्द रचनाकार के लिए सार्थक तभी होते हैं जब वह उनकी सतर्क सुधि लेता है. उन्हें उलटता – पुलटता है, बेज़ान और घिस गए शब्दों की जगह नए शब्द तलाशता...
हरिओम कथाकार के रूप में चर्चित हैं उनका एक कहानी संग्रह ‘अमरीका मेरी जान’ प्रकाशित है. प्रस्तुत कहानी में वह नक्सल-आदिवासी ज़िला मिर्ज़ापुर में तैनात सब इन्स्पेक्टर रनबहादुर की हत्या...
सुलोचना वर्मा की कविताएँ उन दिनों नहीं उगे थे मेरे दूध के दांत उन दिनों फिर भी समझ लेती थी माँ मेरी हर एक मूक...
1857 का संघर्ष न केवल इतिहास के लिए बल्कि साहित्य के लिए भी एक चुनौती है. इतिहास में जहाँ इसके महत्व को कम करके इसे स्थानीय विद्रोह के रूप में...
विमलेश त्रिपाठी की कुछ प्रेम कविताएं दरअसलहम गये अगर दूरऔर फिर कभी लौटकर नहीं आय़ेतो यह कारण नहींकि अपने किसी सच से घबराकर...
भूमंडलोत्तर कहानी विवेचना की श्रृंखला में आलोचक राकेश बिहारी ने मनोज पाण्डेय की कहानी पानी को परखा है. पानी में कितना यथार्थ है कितनी कल्पना यह इतना महत्वपूर्ण नही है...
कभी रघुवीर सहाय ने लिखा था ‘राष्ट्रगीत में भला कौन वहभारत भाग्य- विधाता हैफटा सुथन्ना पहने जिसकागुन हरचरना गाता है.’आज हम ६६ वां गणतंत्र दिवस मना रहे हैं. आज हिंदी...
समालोचन कलाओं का साझा घर है. साहित्य के साथ-साथ पेंटिग, फ़िल्म और संगीत पर भी आप सामग्री यहाँ पढ़ते हैं. चित्रकार रामकुमार के साथ पीयूष दईया की बातचीत आपने पढ़ी...
प्रभात हिंदी कविता की नई रचनाधर्मिता की पहचान हैं. हिंदी कविता को वे फिर सादगी और मासूम संवेदनाओं के पास ले आये हैं. उनकी कविताओं में पर्यावरण की वापसी हुई...
कलाकृति : Adeel uz Zafarहृषीकेश सुलभ की इस कहानी में मध्यवर्गीय जीवन की वह संरचना विन्यस्त है जो अक्सर धीमी आवाज़ में कान के पास कही जाता है. कहानी में वातावरण...
समालोचन साहित्य, विचार और कलाओं की हिंदी की प्रतिनिधि वेब पत्रिका है. डिजिटल माध्यम में स्तरीय, विश्वसनीय, सुरुचिपूर्ण और नवोन्मेषी साहित्यिक पत्रिका की जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'समालोचन' का प्रकाशन २०१० से प्रारम्भ हुआ, तब से यह नियमित और अनवरत है. विषयों की विविधता और दृष्टियों की बहुलता ने इसे हमारे समय की सांस्कृतिक परिघटना में बदल दिया है.
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