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कथा – गाथा : जयश्री रॉय

(Dimple Kapadia puts on makeup as she gets ready to shoot for \'Zooni\'. A Kashmiri crowd, of mostly teenagers, looks on. 1989)‘ज़ून, ज़ाफरान और चांद की रात’ कहानी के नेपथ्य...

परख : काफ़िर बिजूका (सत्यनारायण पटेल) : विजय शर्मा

काफ़ेर बिजूका उर्फ़ इब्लीस (कहानी संग्रह)कहानीकार : सत्यनारायण पटेलप्रकाशक :आधार प्रकाशन, पंचकुला, हरियाणाप्रथम संस्करण: २०१४/पृष्ठ संख्या: १३५मूल्य: २०० रुपएसत्यनारायण पटेल के तीसरे कहानी-संग्रह ‘काफ़िर बिजूका उर्फ़ इब्लीस’ की समीक्षा विजय...

सहजि सहजि गुन रमैं : रामजी तिवारी

वैसे तो समकालीन हिंदी कविता ने छंद और तुक को अपनी दुनिया से लगभग बाहर ही कर दिया है, पर रामजी तिवारी जैसा सचेत कवि जब इस तुक को मध्यवर्गीय...

कथा – गाथा : अनुज (‘अंगुरी में डँसले बिया नगिनिया’)

पेंटिग : जगन्नाथ पंडासमकालीन कहानियों पर एकाग्र  श्रृंखला,  \'भूमंडलोत्तर कहानी \'में युवा आलोचक राकेश बिहारी किसी चुनी हुई कहानी के माध्यम से उस कहानी  और कहानी में अभिव्यक्त यथार्थ  की विवेचना...

सहजि सहजि गुन रमैं : मणि मोहन

चित्र गूगल से आभार सहित गंज बासौदा (म.प्र.) के रहने वाले हिंदी के कवि मणि मोहन के कविता संग्रह \"शायद\" को इस वर्ष के म.प्र. हिंदी साहित्य सम्मेलन के वागीश्वरी पुरस्कार के लिए चुना...

कथा – गाथा : कविता (आवाज़ दे कहाँ है)

आभार के साथ- Alfred Degensयुवा कथाकार कविता की यह दिलचस्प कहानी पहले तो आपको पढने के लिए मजबूर करती है फिर रेडियो और एफ. एम. की दुनिया की आवाज़ों के...

सहजि सहजि गुन रमैं : हरिओम

Nitin Mukul-REALM OF THE SENSESनासिख के शिष्य ‘आग़ा- कल्लब हुसैन खां’ का एक शेर हैलोग कहते हैं कि फन्ने शायरी मनहूस हैशेर कहते कहते मैं डिप्टी कलक्टर हो गया.डॉ. हरिओम...

सहजि सहजि गुन रमैं : बहादुर पटेल

बहादुर पटेल जीवन से संलग्नता के सजीव, संवेनशील और सक्षम कवि हैं. उनमें एक खुरदरापन और जीवटता है जो आत्माभिमान से आलोकित है. जब वह कहते हैं –‘ और हम...

कथा – गाथा : सारंग उपाध्याय

यह कहानी फिल्मों की दुनिया में संघर्ष कर रहे चार युवाओं – मिनर्वा, अंजुम, रफीक और अदृश्य ‘चौथे लडके’ की कहानी है जो दरअसल हर \'असफल\' युवा की कहानी है....

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